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ट्रिप्लीकेन, चेन्नई तेरापंथ भवन में दीक्षार्थी कोमलजी भंसाली का मंगल भावना समारोह आयोजित

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के विद्वान सुशिष्य मुनिश्री डॉ. पुलकितकुमारजी ठाणा 2 के सानिध्य ट्रिप्लीकेन तेरापंथ भवन में दीक्षार्थी कोमलजी भंसाली का मंगल भावना समारोह आयोजित किया गया। मंगल भावना समारोह से पूर्व दीक्षार्थी बहन की शोभा यात्रा का पार्थ सारथी मंदिर के पास आयोजन किया गया, जिसमें भंसाली एवं ननिहाल पक्ष से धोका पारिवारिक जन ‘दीक्षार्थी की जय जय कार’ के नारे लगाते हुए शुभकामना दे रहे थे। मंगल भावना समारोह स्थल पर पहुंचने पर ट्रिप्लीकेन ज्ञानशाला के बच्चों एवं तेरापंथ कन्या मंडल, किशोर मंडल के सदस्यों ने भाव भिना स्वागत किया।

समारोह में उपस्थित विशाल जैन समुदाय को संबोधित करते हुए मुनिश्री डॉ. पुलकितकुमारजी ने कहा संयम का भाव मन की प्रसन्नता बढ़ाने वाला होता है। मुनि जीवन का मतलब है सांसारिक सुविधाओं को त्यागना और आध्यात्मिक सुख को प्राप्त करने के लिए चरण गतिमान रखना। मुनिश्री ने दीक्षार्थी कोमलजी भंसाली के प्रति मंगल भावना प्रकट करते हुए कहा सिंह वृत्ति से पांच महाव्रतों को स्वीकार करने जा रही हो उसी उच्च भावना से गुरु दृष्टि की आराधना करते हुए अंत समय तक उसे निभाना है। मुनिश्री ने कहा तेरापंथ संघ में दीक्षा लेने का मतलब है शिक्षा परीक्षा एवं दीक्षा स्वीकार करना, अपने मन को गुरु चरणों में मंगलमय आचरण के लिए पूर्ण समर्पित कर देना। तेरापंथ धर्म संघ में गुरु दृष्टि से ही शिष्य की सृष्टि होती है। मुनिश्री ने माता तारादेवी भंसाली एवं पिता सुरेंद्रजी भंसाली को साधुवाद दिया की पुत्री का गुरु चरणों में दान देकर वह भाग्यशाली माता-पिता बन रहे हैं। दिक्षार्थी अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि तेरापंथी महासभा के पूर्व अध्यक्ष हीरालालजी मालू (बेंगलुरु) थे । उन्होंने अपने जीवन के संस्मरण सुनते हुए सांसारिक मोह माया का त्याग करने वाली दीक्षार्थीनी बहन के लिए मंगल भावना प्रकट की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुनिश्री द्वारा नवकार महामंत्र उच्चारण से हुआ। स्वागत भाषण तेरापंथ भवन अध्यक्ष संतोषजी धारीवाल ने प्रस्तुत किया। ट्रिप्लीकेन महिला मण्डल उपाध्यक्ष बेबीजी धारीवाल, चेन्नई सभाध्यक्ष महेंद्रजी मांडोत, तेयुप अध्यक्ष कोमलजी डागा, पल्लावरम सभाध्यक्ष दिलीपजी भंसाली, तंडियारपेट से पूनमचंदजी मांडोत, अणुव्रत समिति से कुशलजी बांठिया, JTN प्रतिनिधि संदीपजी मुथा, माधावरम से अध्यक्ष नीलमजी आच्छा आदि उपस्थित थे। कन्या मण्डल द्वारा परिसंवाद के माध्यम से संयम जीवन का महत्व प्रकट किया। चेन्नई की सभी तेरापंथ संघीय संस्थाओं की तरफ से दीक्षार्थीनी बहन का अभिनंदन पत्र एवं साहित्य से सम्मान किया गया।
ट्रिप्लीकेन तेरापंथ महिला मंडल, भिक्षु पुरुषाई मण्डल से जतनजी पुगलिया, कन्हैयालालजी पुगलिया, उषाजी सिंघवी, केसरजी एवं हर्षिताजी ने भावपूर्ण विदाई गीत प्रस्तुत किया।
पल्लावरम ज्ञानशाला से सुधाजी मरलेचा, ननिहाल पक्ष से मामा महावीरजी धोखा, प्रकाशजी भंसाली, किशनचंदजी कटारिया, पिता सुरेंद्रजी भंसाली, रीनाजी गेलडा, प्रेमलताजी भंसाली, नीतूजी सुराणा, अर्चनाजी बाफना, बेंगलुरू गांधीनगर तेरापंथ Trust के अध्यक्ष मणिकचन्दजी बलदोटा (MC बलदोटा), पुखराजजी सुतालिया, प्रकाशजी कोठारी, किशोरजी जांगड़ा, रमेशजी छाजेड़, मध्यप्रदेश बालाघाट से कुलदीपजी चोरड़िया आदि ने मुमुक्षु बहन के प्रति मंगल भावना प्रकट की।
दीक्षार्थीनी बहन कोमलजी भंसाली ने कहा मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे गुरुदेव आचार्य महाश्रमणजी अपनी धवल सेना में 20 सितंबर 2026 लाडनूं राजस्थान में पांच महाव्रती बनाकर शामिल कर रहे हैं। मैं धर्म संघ में दीक्षित होकर आत्म कल्याण करते हुए आध्यात्मिक उन्नति करती जाऊं यही मुनिश्री से आशीर्वाद चाहती हूं। यहां पर उपस्थित श्रद्धालुजन संयमित जीवन जीने का संकल्प लें। नचिकेता मुनिश्री आदित्यकुमारजी ने मंगल भावना गीत प्रस्तुत किया।धन्यवाद ज्ञापन सहमंत्री स्नेहाजी संचेती एवं संचालन महिला मंडल अध्यक्ष मंजुजी गेलड़ा ने किया।