
जैन समय के स्तंभ सहयोगी श्री जवाहरलालजी – श्रीमती शारदादेवी चौधरी का संक्षिप्त परिचय :
श्री जवाहरलालजी का जन्म 1961 में बालवाड़ा, राज. (जि. जालोर) में हुआ|
आप स्व.नेनमलजी एवं स्व. पार्वतीदेवी चौधरी के सुपुत्र हैं |
आपका विवाह केशवणा (राज.) निवासी श्री भंवरलालजी – रुपीदेवी छाजेड़ की गुणवान सुपुत्री शारदादेवी के साथ हुआ |
आपने 1988 से बेंगलोर में चौधरी स्टील्स के नाम से मेटल का होलसेल व्यवसाय प्रारंभ किया जिसकी मेटल मार्केट में अच्छी प्रतिष्ठा एवं ख्याति हैं |
आप JITO जीतो के F.C.P. सदस्य हैं एवं अनेक संघ संस्थाओं के सहयोगी हैं | आप मधुर व्यवहार के धनी, मिलनसार एवं आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी हैं | आपने सजोड़े अठाई तप की आराधना की है |
सन् 2012 में बेंगलोर से पालीताणा करीब 500 लोगो का छह री पालित संघ निकला जिसकी बेंगलोर में पहली नवकारसी आपकी तरफ से थी जिसमे करीब 8 हजार लोग सम्मिलित हुए |

आपने केशवणा में श्री कलापूर्ण सूरी धाम में 30 जनवरी 2017 को तोरण बांधने का बड़ा लाभ लिया |
आपकी धर्मपत्नी श्रीमती शारदादेवी चौधरी अत्यंत धर्म परायणा, व्यवहार कुशल, मधुर भाषी, जिनशासन के सेवा कार्यों एवं जीव दया के कार्यों में अग्रणी रहने वाली अत्यंत प्रतिभाशाली महिला हैं | आप जालोर जिला जैन महिला जागृति मंच की अध्यक्षा रही हैं तथा श्री विमलनाथ सामायिक मंडल, बसवनगुडी की अग्रणी कार्यकर्ता हैं |
आपने सिर्फ दस वर्ष की लघु वय में उपधान तप की प्रशंसनीय आराधना की | 15 साल की उम्र में आप ने 15 साल की सिद्ध चक्र ओली पूर्ण की | आप अब तक करीब 62 आयंबिल ओली पूर्ण कर चुके हैं |एवं चातुर्मास मे अनेक वर्षो से वर्धमान आयंबिल तप गतिमान है | आपके 81 आयंबिल की भी तप आराधना है | आप मंडिया, कर्नाटक में गौशाला के संचालन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं आप बेंगलोर में दि. 2.3.2013 को सम्पूर्ण गौ वंश पशु हत्या निषेध विधेयक 2012 को राज्यपाल महोदय से अंकित कराने हेतु निवेदन के लिए आयोजित विराट गोवंश रक्षा रैली की अग्रणी कार्यकर्ता रही हैं जिसमें करीब 15000 लोग सम्मिलित हुए |


आपने अनेक स्वधर्मी बंधुओं की घर – घर जाकर तकलीफ देखी और तकलीफ दूर की | अनेक लोगो के किराए भराए, राशन दिलवाए, फीस भरी, विधवाओं के घर बसाये |
कई जैन मण्डलो की अनेक बार मीटिंग की | जैन एकता हेतु अनेक प्रयास किए |
आपके पुत्र – पुत्रवधु :- रोहित-कोमल, अभिषेक (B.E. 1st year की पढ़ाई कर रहे हैं )
पुत्री – जंवाई :- प्रियंका – राजेशजी बागरेचा एवं दीक्षिता ( NIFT, में B.B.M. की पढ़ाई कर रही हैं) |
जैन समय के प्रभु महावीर के संदेशो को आधुनिक टेक्नोलोजी से जन जन तक पहुँचाने के महा अभियान में आपके स्तंभ सहयोगी बनने पर हम आपका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं |



