जिनशासन के चमकते उज्जवल सितारे दानवीर भामाशाह श्री कमलजी सिपानी
आदरणीय दादाजी सेठ साहब श्रीमान भेंरूदानजी सिपानी दादीजी आदरणीय श्रीमती धनीदेवीजी और परम पूज्य पिताजी श्रीमान सोहनलालजी एवं ममतामयी मातेश्वरी…
आदरणीय दादाजी सेठ साहब श्रीमान भेंरूदानजी सिपानी दादीजी आदरणीय श्रीमती धनीदेवीजी और परम पूज्य पिताजी श्रीमान सोहनलालजी एवं ममतामयी मातेश्वरी…
आत्मा स्वभाव से शुद्ध और ज्ञानमय है, परंतु कषायों के कारण वह कर्मों से आच्छादित हो जाती है।क्रोध, मान, माया…
जैन दर्शन में आत्मा को स्वभावतः शुद्ध, बुद्ध और मुक्त माना गया है। किंतु अज्ञानवश जब आत्मा राग-द्वेष और कषायों…