श्रद्धेयवर्ष श्रावक रत्न श्रीमान बाबुलालजी ललवानी (गढ़ शिवाना) बेंगलूरु
धार्मिक, कुशल व्यवसायी, परम ऊर्जावान मिलनसार व्यक्तित्व के धनी श्री बाबुलालजी ललवानी का जन्म राजस्थान के सुप्रसिद्ध नगरी गढ़ शिवाना में हुआ। आप स्व. जसराजजी-सरसवतीबाई ललवानी के सुपुत्र एवं स्व. वसंतमलजी-अमृतादेवी ललवानी के सुपौत्र हैं।

करीब 100 वर्ष पूर्व आपके दादाजी वसंतमलजी ललवानी ने सोलापुर (धारवाड़, कर्नाटक) में अपना व्यवसाय प्रारंभ किया था। आपके पिताजी ने 1958 में बेंगलूरु स्टील्स स्टोव्स का फाउंडेशन लगाया। आप उस समय चेन्नई में अध्ययन कर रहे थे, आपका विवाह 1964 में गढ़ शिवाना निवासी स्व. हजरतजी–वलजीदेवी बाकलीवाल की सुपुत्री सांगीताबाई के साथ हुआ। आपने पी.यू.सी. तक चेन्नई में अध्ययन करने के पश्चात बेंगलूरु में 1971 में B.E. की डिग्री प्राप्त की जो उस समय के दौर में बहुत बड़ा महत्व रखती थी।
आपकी रुचि व्यवसाय में थी। नयी तकनीक, नयी खोज, नया कार्य करने की उमंग आपकी सबसे बड़ी विशेषता है।


आपने 1993 में नंदी कुकर की मैन्युफैक्चरिंग प्रारंभ की जो आज कर्नाटक प्रदेश में एक सुप्रसिद्ध ब्रांड है। नंदी कुकर के अलावा एल्युमिनियम के बर्तनों के सुप्रसिद्ध ब्रांड Marcopolo, Carbon, Deccan आदि के निर्माता हैं। आप अपने प्रोडक्ट में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखते हैं और नई आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करते हुए नये–नये मॉडल्स उत्पादित करने में अग्रणी हैं।
आपके दो सुपुत्र श्री गौतमचंदजी एवं श्री मनोजजी आपके विशाल कारखानों का संचालन करते हैं। आपकी दो सुपुत्रियाँ संगीता राणमलजी लुंकड़ एवं सुषमा विमलजी बाकलीवाल हैं। आपके दो सुपौत्र मोहित, करण तथा चार सुपौत्रियाँ प्रियांका तेजपालजी गादिया, करिश्मा, काजोल एवं करीना हैं।
आपके परिवार ने 1969 में सिवाना में गोड़ी पार्श्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के प्रतिष्ठा महोत्सव में कल्प चढ़ाया। हिंडों एवं फलेचुंदड़ी का बड़ा लाभ लिया।
आपने बेंगलूरु में सिवाना के अनेक भाइयों को व्यापार में प्रतिष्ठापित किया जो अभिनंदनीय एवं अनुकरणीय है।
आप जीवन के पथप्रदर्शक हैं। आपने अनेक वर्षों तक सिवाना समाज के सचिव पद को शोभायमान किया। आप जैन समय के Supporter के रूप में हमें सहयोग प्रदान कर रहे हैं। आप जहां रहें स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों। आपका परिवार सुखी समृद्ध बना रहे, जिन शासन की सेवा में सदैव आगे बढ़ते रहें।






