गुरु भक्ति एवं सेवा का आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं श्री राजेशजी बोहरा
सत्कर्मों के परिणामों से ही संसार में सुख वैभव समृद्धि प्राप्त होती है। पूर्वोपार्जित पुण्यानुबंधी पुण्य का जो जिनशासन की…
सत्कर्मों के परिणामों से ही संसार में सुख वैभव समृद्धि प्राप्त होती है। पूर्वोपार्जित पुण्यानुबंधी पुण्य का जो जिनशासन की…
विनम्रता और निरभिमानता व्यक्ति का सबसे बड़ा गुण होता है। विनम्रता से श्रेष्ठतम गुणों की प्राप्ति होती है और निरभिमानता…
जो अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पवान होते हैं, उन्हें कोई भी कठिनाई विचलित नहीं कर सकती है। निरंतर पुरुषार्थ…
जो अपनी योग्यता पर विश्वास रखते हैं वही मंजिल तक पहुंचने में सफल होते हैं। मधुर व्यवहार एवं निरंतर परिश्रम…
सरल हृदय में ही धर्म का निवास होता है। विनय और विवेक धर्म का सच्चा मूल है। जिसके जीवन में…
नोजवानों इस समाज के आधार तुम हो, नयनांजन तुम हो, हृदय हार तुम हो । अपनी शक्ति को पहचानों और…
राजस्थान की सुहावनी नगरी पिपलियाकलाँ के मूल निवासी स्व. गुलाबचंदजी नाहटा के सुपौत्र एवं स्व. सुंदरबाई स्व. दीपचंदजी नाहटा के…
उठो, जागो और तब तक लगे रहो, जब तक सफलता के शिखर पर नहीं पहुँच जाते हैं। निरंतर परिश्रम एवं…