एक महान व्यक्तित्व के धनी संघवी श्री पारसमलजी लूणिया
‘मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती…
‘मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती…
सज्जन स्वभाव, विनम्रता, मिलनसारिता, व्यवहार कुशलता, मथुर भाषिता आदि अनेक सद्गुणों का संगम हैं राजस्थान में घाणा, दुयाड़ा जिला जालोर…
सबके लाड़ले, सबके चहेते, सबके प्रिय, सरलता, विनम्रता, व्यवहार कुशलता के साथ उदार हृदय आदि गुणों का संगम हैं राजस्थान…
राजस्थान के आहोर नगर के सुप्रसिद्ध श्रेष्ठिवर्य चुन्नीलालजी शेषमलजी नागोरी के सुपुत्र सुपुत्रवधु सुमेरमलजी-हजादेवी नागोरी की सरलता सहजता एवं मिलनसार…
पुण्य उपार्जन से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। परोपकार – मानवसेवा – जीवदया एवं धर्म कार्यों में इसका सदुपयोग करने…
जैन एकता के प्रबल पक्षधर, शांत स्वभावी, अनुशासन प्रिय, ऊँची सोच के धनी लक्ष्य पर दृढ़ रहकर सफलता के शिखर…