उदयलालजी कटारिया

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मधुर व्यवहार, प्रभावशाली व्यक्तित्व के साथ उदार हृदय के संगम हैं जैन एकता के प्रबल पक्षधर अनमोल रत्न उदयलालजी कटारिया

विनम्रता, सरलता और सहनशील जीवन के सबसे बड़े आभूषण हैं। उच्च संस्कारों और उच्च विचारों रो जीवन की असली शोभा है। राज्जन व्यक्ति संसार में देवों के समान शोभायमान एवं आदरणीय होता।

सरलता, विनम्रता, व्यवहार कुशलता के साथ उदार हृदय आदि गुणों का संगम है राजस्थान में दिवेर (जिला राजसमंद) निवासी स्वनाम धन्य श्रेष्ठीवर्य स्व. ताराचंदजी स्व. बुत्रीबाई कटारिया के सुपुत्र, सबके चहेते, सबके प्रिय, श्रीनगर बेंगलूरु कर्नाटक के सुप्रतिष्ठित स्वर्णाभूषण व्यवसायी, उदय ज्वेल्स पैलेस के संस्थापक धर्मनिष्ठ उदारमना सुश्रावक उदयलालजी (बाबूलालजी) कटारिया। आपने अपनी मिलनसारिता, विनम्रता एवं सज्जन स्वभाव से सभी के हृदय में अपना विशेष स्थान बनाया है। आपका जन्म दानवीर भामाशाह एवं हिंदवाना सूर्य महाराणा प्रताप की वीर भूमि मेवाड़ राजस्थान की धर्मनगरी दिवेर में हुआ। उदयलालजी कटारिया बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के धनी थे। विनम्र व्यवहार के साथ आपका हँसमुख चेहरा सबको सम्मोहित कर लेता था। शीघ्र ही आप सबके प्रिय बन गए। आपने प्रारंभिक शिका जन्म स्थली में करने के पश्चात पूरे भारत में व्याति प्राप्त राणावास के छात्रावात्त में माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। आप छात्रावास के सबसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों में माने जाते थे। आपने अपनी प्रतिभा और लगन से अध्यापकगण के हृदय में विशेष स्थान बनाया। यहीं आपने गणित विषय में 98% अंक प्राप्त कर कीर्तिमान बनाया। छात्रावास में अध्ययन करते हुए आपने UNO यूनाईटेड नेशन्स ऑर्गेनाईजेशन द्वारा आयोजित परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा उजागर की। आपके हृदय में बचपन से ही कुछ विशेष करने की भावना थी, जिसे आपने पूरा किया आप बावसाय में रुचि के कारण अपने भाग्य को चमकाने उद्यान नगरी बेंगलूरु, कर्नाटक में सन 1969 में आए। यहाँ आपने गिरवी अयवसाय में प्रशिक्षण लिया। इसी अवधि में आपका शुभ विवाह झीलवाड़ा, राजसमंद निवासी स्व. अम्बालालजी स्व. झमकूबाई कोठारी की सुसंस्कारवान गुणवान सुपुत्री नरकलदेवी वो साथ संपन्न हुआ। मधुर भाषी एवं कुशल व्यवहार की धनी नरकलदेवी का साथ पाकर आपका सौभाग्य सफलता की ऊंचाईयों पर अग्रसर होने लगा। आपने 1974 में अपना स्वयं का प्रतिष्टान गुड्डदहल्ली, मैसूरु रोड में गौतम बैंकर्स के नाम से प्रारंभ किया। अपनी लगन, व्यवहार कुशलता और प्रामाणिकता से आपने ग्राहकों के हृदय में विशेष स्थान बनाया और व्यवसाय को प्रगति पथ पर बढ़ाते हुए आपने न्यू गुड्डदहत्ली में वस्त्र, आभूषन एवं गिरवी का नया शोरुम ‘वर्धमान टेक्सटाईल्स’ प्रारंभ किया। व्यवसाय में आपने निरंतर प्रगति की और 1978 में बेंगलूरु के नए विकसित हो रहे उपनगर श्रीनगर में उदय टेक्सटाईल्स एंड बैंकर्स के नाम से प्रतिष्ठान प्रारंभ किया जो वर्तमान में उदय ज्वेल्स पैलेस के नाम से श्रीनगर का सुप्रतिष्ठत स्वर्ण आभूषणों का शोरुम है। आपके प्रथम पुत्र डॉ. किरनजी का शुभविवाह मेवाड़ में ठीकरवासकलाँ निवासी रव. बसंतीलालजी प्रेमलतादेवी बाबेल यशवंतपुर बेंगलूरु की सुपुत्री तारादेवी के साथ संपन्न हुआ। किरणजी के सुपुत्री-जंवाई निकिताजी भवनेशजी सिंघवी (गाँव गुडा) चामराजपेट बेंगलूरु निवासी हैं। एवं पुत्र भूपेन्द्र पीयूसी प्रथम वर्ष में अध्ययन कर रहे हैं। आपकी द्वितीय पुत्री डॉ. डिम्पल USA में Clinical Psychologist Internship कर रही है एवं तृतीय सुपुत्री हेतल बेगलूरु में ध्यान डिजाईनिंग कोर्स कर रही है। किरणजी की धर्मपत्नी तारादेवी विदुषी श्राविका है और तेरापंथ सभा द्वारा संचालित ज्ञानशाला में प्रशिक्षिका भी है।

उदयलालजी कटारिया के द्वितीय सुपुत्र ओमप्रकाशजी का शुभविवाह मेवाड़ में लाछुड़ा मूल के मनोहरलालजी शांताबाई चोरड़िया मालूर कर्नाटक निवासी की गुजवान सुपुत्री रिंकूदेवी के साथ संफा हुआ। ओमप्रकाशजी के पुत्र मुकेशजी B.Com प्रथम वर्ष में अध्ययन कर रहे हैं। रिंकूदेवी कटारिया तेरापंथ महिला मंडल हनुमंतनगर (HBST) में सक्रिय सेवाएँ दे रहे हैं। उदयलालजी कटारिया के पुत्री जंवाई रेखाजी अरुणजी डागा (देवगढ़ मवारिया) चेाई में निवास कर रहे हैं। अपने माता पिता से प्राप्त सुसंस्कारों के साथ बचपन से ही धार्मिक संस्कारों में पले बहे उदयलालजी कटारिया ने व्यवसाय के साथ ही धर्म के क्षेत्र में भी प्रगति की। आप जब बेंगलूरु पधारे थे उस वर्ष तेरापंद संघ अनुज्ञास्ता आचार्य श्री तुलसी का गांधीनगर, बैंगलूरु में चातुर्मास था। आपने अपने गुरुदेव के सानिध्य का भी अच्छा लाभलिया और धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में भी युवा वय से ही सक्रिय हो गए। आपके हृदय में देव, गुरु, धर्म के प्रति विशेष श्रद्धा है और आपका मानना है कि धर्म के प्रताप से ही जीवन में सुख शांति प्राप्त होती है। धर्म को सर्वोपरि मानकर ही हर कार्य करना चाहिए। आप निःसंदेह अत्यंत सौभाग्यशाली है। आपको देव, गुरु, धर्म की कृपा से सभी शुभसंयोग प्राप्त है। सुसंस्कारी परिवार, धर्मनिष्ठा, संघनिष्ठा, गुरुनिष्टा, चरित्रनिष्ठा आपके जीवन में दृष्टिगोचर होती है। संघ एवं संस्थाओं में गरिमापूर्ण प्रतिष्ठा आपको प्राप्त है। संघ एवं धर्म की सेवा करके जाप अपने सौभाग्य में अभिवृद्धि कर रहे हैं। आप मित्रों एवं रिश्तेदारों में सबके चहेते हैं। आपने अपने मधुर व्यवहार से समाज में सबके दिलों में विश्वस्त स्थान निर्मित किया। आप जैन एकता के प्रवल पदाधर हैं। आपका मानना है कि जैन समाज को छोटी छोटी बातों में उलझना छोड़कर चतुर्विध संघ की उन्नति की ओर चिंतन करना है। उदारता, दूरवर्जिता एवं ऊँची सोच एवं विशाल दृष्टिकोण से ही समाज आने बढ़ेगा।

धार्मिक एवं सामाजिक दायित्व

आप आचार्य महाप्रज्ञ तुलसी चेतना केन्द्र, कुंक्तगोडु, बेंगलूरु के ट्रस्टी हैं। बेंगलुरु के जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा गांधीनगर, जैन स्वेताम्बर तेरापंच सभा विजयनगर एवं जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा हनुमंतनगर (HBST) के ट्रस्टी है। आपने अपनी जन्म स्थली में जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा विवेर के अध्यक्ष पद का गौरवशाली दायित्व निभाया। बेंगलूरु में जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा गांधीनगर में सहमंत्री, जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा हनुमंतनगर (HBST) के उपाध्यन्न पद का भी निर्वहन किया। मेवाड बीसा ओसवाल जैन संग, बेंगलूरु कर्नाटक के दो बार कोषाध्यक्ष पद पर रहे। जीवदया प्रेमी उदयलालजी कटारिया गौशालाओं को सहयोग में मी अग्रणी हैं। अखित कर्नाटका प्राणी दया संच कोरमंगला बेंगलूरु के सदस्य हैं। जय जैन गौशाला, तास राजस्थान एवं करेड़ा राजस्थान में गौशाला के भी सहयोगी है।

आपके ज्येष्ठ सुपुत्र किरणजी कटारिया को महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी दिल्ली से डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की गई है। आप एंटी क्राईम एंड करप्शन ब्यूरो के आजीवन बोर्ड सदस्य हैं। जैन माईनोरिटी बेल फेयर एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य है। लेरापंच युवक परिषद गांधीनगर में आप सक्रिय रहे और कई कार्यक्रमों के संयोजक रहे। आपने बड़ी संख्या में युवाओं को तेयुप से जोड़ा। आप तेरापंथ युवक परिषद हनुमंतनगर (HBST) के उपाध्यक्ष रहे। अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित मेगा ब्लड डोनेशन ड्राईव 2015 में रक्तवान के परिषद के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड निर्मित करने में सहभागी बने। किरणजी कटारिया आध्यात्मिक विज्ञान सत्संग केन्द्र जोधपुर के भी सदस्य है। आप कई वर्षों से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़कर राष्ट्र सेवा में योगदान कर रहे हैं।

ओमप्रकाशजी कटारिया भी जिनशासन सेवा कार्यों में सक्रिय हैं एवं तेरापंच युवक परिषद हनुमंतनगर में कार्यकारिणी सदस्य है।

जैन समय ‘अनमोल रत्न’ उदयलालजी कटारिया – जैन समय के ‘अनमोल रत्न’ उदयलालजी कटारिया की रग रग में जैन धर्म की प्रभावना एवं जिनशासन सेवा की प्रबलतम भावना है। जैन समय के विश्व व्यापी धर्मप्रचार अभियान को गति देने हेतु आपने जैन समय के स्तंभ सहयोगी बनकर हमारे उत्साह को अनेक गुणा बढ़ाया है। हम कटारिया परिवार के लिये सर्वसुखमय जीवन की यशस्वी मंगलकामनायें करते हुए शत शत आभार प्रदर्शित करते हैं।

आप मित्रता के आदर्श हैं। सबसे मेलजोल, प्रेम भाव रखना आपको अच्छा लगता है। आप सदैव प्रसन्न रहते हैं और अपने मधुर व्यवहार से सर्वत्र प्रसन्नता का संचार करते हैं। अच्छे काम करने वालों के उत्साहवर्धन एवं आगे बढ़ाने में आप आनंद का अनुभव करते हैं।

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