आचार्य पार्श्वचंद्रजी का 66 वां दीक्षा दिवस एवं डॉ. पदमचंद्रमुनिजी का 39 वां दीक्षा दिवस समारोह संपन्न
जन्म से भी अधिक महत्वपूर्ण है संयम ग्रहण करना : डॉ. पदमचंद्रमुनिजी बेंगलूरु । माँ की कुक्षि से जन्म लेने…
जन्म से भी अधिक महत्वपूर्ण है संयम ग्रहण करना : डॉ. पदमचंद्रमुनिजी बेंगलूरु । माँ की कुक्षि से जन्म लेने…
जीवन की शोभा अलंकारों से नहीं अपितु संस्कारों और उच्च विचारों से है, विनम्रता, सरलता और सहनशीलता से है। सज्जनता…