विनम्र व्यवहार और उदारता के साथ जैन समाज का गौरव बढ़ा रहे हैं जीवदया प्रेमी, धर्म परायण, अनमोल रत्न सुरेशचंदजी मेहता
जो अपनी योग्यता पर विश्वास रखते हैं वही मंजिल तक पहुंचने में सफल होते हैं।
मधुर व्यवहार एवं निरंतर परिश्रम अपने लक्ष्य तक शीघ्र पहुँचा देता है।

जिसके कण कण में वीरता और देश भक्ति की भावना समायी हुई है ऐसी वीर भूमि मेवाड़ में धर्म नगरी बड़ी सादड़ी के गौरवशाली सिसोदिया मेहता परिवार के वंशज, मदारिया प्रांत में राजसमंद के धर्म निष्ठ श्रावक रत्न स्व. शांतिलालजी – सुश्राविका कंचनदेवी मेहता के ज्येष्ठ सुपुत्र सुरेशचंदजी मेहता जिनशासन की प्रभावना में अग्रसर हैं। आपका जन्म आमेट शहर में हुआ। आपके दादाजी दादीजी स्व. चांदमलजी – स्व. सज्जनबाईजी अत्यंत धर्म परायण एवं देव गुरु धर्म के प्रति दृढ़ श्रद्धावान थे। स्व. चांदमलजी आमेट में किराणा के सुप्रसिद्ध व्यवसायी थे। सुरेशचंदजी मेहता के पिताश्री राजसमंद में खादी ग्रामोद्योग के संचालक थे। इसलिए आपका परिवार आमेट से आकर राजसमंद निवासी हो गया। शांतिलालजी मेहता ने राजसमंद में खादी ग्रामोद्योग का अनेक दशकों तक सुचारु रुप से संभाला।

सुरेशचंदजी मेहता बेंगलूरु में रेडीमेड गामेंट्स व्यवसाय क्षेत्र में सफलता का ध्वज फहराने वाले ‘भैरु फैशंस ग्रुप’ के संस्थापक भागीदार हैं। ‘भैरु फैशंस ग्रुप’ व्यवसाय में अग्रणी होने के साथ ही सामाजिक, धार्मिक कार्यों में भी आप विपुल सहयोग कर समाज में एक आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं। युवा अवस्था से ही आप अत्यंत उत्साही एवं कार्य के प्रति समर्पित रहे हैं। अपने माता पिता से प्राप्त धर्म के संस्कारों को आप बढ़ाते रहे हैं। आपका विवाह नाथड़ियास निवासी स्व. धर्मचंदजी – मदनीबाईजी की गुणवान सुपुत्री पानीबेन के साथ संपन्न हुआ।
आपके प्रथम सालाजी सुप्रसिद्ध समाजसेवी शांतिलालजी पीतलिया अत्यंत ही जीवदया प्रेमी हैं। जरुरतमंदों को शिक्षा, चिकित्सा सहयोग, गौसेवा, कबूतरों को चुग्गा में अपने बहनोईसा सुरेशचंदजी मेहता एवं भाई लादुलालजी पीतलिया के साथ श्री जैन मानव सेवा ट्रस्ट के माध्यम से विभिन्न सेवा कार्य करते हुए जिनशासन का गौरव बढ़ा रहे हैं।
आपके द्वितीय सालाजी लादुलालजी पीतलिया भी सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में अग्रणी हैं एवं राजस्थान की राजनीति में भी पूर्ण सक्रिय हैं। अपने गृहक्षेत्र में जन जन में आपके सेवा कायों की विशेष ख्याति है। राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान में असम के राज्यपाल गुलाबचंदजी कटारिया से आपके अत्यंत आत्मीयतापूर्ण संबंध है।
सुरेशचंदजी मेहता की धर्मपत्नी पानीबेन अत्यंत ही मधुरभाषी, विनयवान एवं सरल स्वभाव की धनी, अतिथि सत्कार में अग्रणी, धर्मपरायणा एवं साधु साध्वी भगवंतों की सेवा में अग्रणी सुश्राविका हैं। आप समता महिला मंडल में सक्रिय सदस्या हैं। आप अनेक वर्षों से प्रति वर्ष गुरु भगवंतों के चातुर्मास में चौका लगाकर अधिक से अधिक जिनवाणी श्रवण एवं धर्म आराधना
का लाभ लेते हैं।

आपके अनुज – अनुजवधु सुशीलकुमारजी – भावनाजी (भाग्यवंतीबाईजी) मेहता राजसमंद, राजस्थान में एवं बहन-बहनोई मंजुबाईजी – विनोदकुमारजी पिछोलिया
(गंगापुर) बेंगलूरु में निवास कर रहे हैं। सुरेशचंदजी के पुत्र-पुत्रवधु विकासजी – डिम्पलजी, राकेशजी-वंदनाजी मेहता अत्यंत ही धर्म संस्कारवान एवं सेवा भावी हैं। आपके
पौत्र प्रिंस, हीरेन, प्रीत, जय मेहता विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। आपकी सुपुत्री संगीताजी का विवाह राजाजीनगर, बेंगलूरु निवासी बालीबाईजी स्व. प्रकाशचंदजी गुरलिया (मेवाड़ में भीम) के सुपुत्र C.A. मनीषजी गुरलिया के साथ संपन्न हुआ है। दौहित्र वीर एवं दौहित्री प्रिशा हैं। भाई सुशीलकुमारजी मेहता के परिवार में पुत्र हिमांशुजी मेहता B.Com द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। 21 वर्षीय सुपुत्री सुश्री चंचलजी B.Com की पढ़ाई कर रही हैं एवं पुत्री जंवाई सोनूजी-सुजीतजी मेहता (नामेचा मेहता) कोशीथल, बेंगलूरु, मोनाजी-मिलनजी गांधी (आमेट) बेंगलूरु निवासी हैं।
आपका परिवार गौ रक्षा का प्रबल पक्षधर है। सुरेशचंदजी मेहता बचपन से ही अपने माता पिता से धार्मिक सुसंस्कारों को प्राप्त कर प्रतिभाशाली रहे हैं।
आपके चेहरे पर सदा प्रसन्नता राज करती है। आवभगत एवं अतिथि सत्कार में अत्यंत निपुण सुरेशचंदजी मेहता अनेक सामाजिक एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोगी हैं।
आचार्य श्री नानेश एवं आचार्य श्री रामेश के परम भक्त, गुप्तदान में अग्रणी सुरेशचंदजी मेहता परिवार साधर्मिक बंधुओं के उत्थान हेतु सहयोग में आगे रहते हैं। कांकरोली, राजस्थान में सुंदर कॉलोनी में समता भवन के निर्माण हेतु सहयोग करने एवं उदारमना लोगों से सहयोग कराने में आप अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
सुरेशचंदजी मेहता हँसमुख एवं आकर्षक व्यक्तित्व के धनी हैं। मिलनसारिता व मधुर भाषिता आपका स्वभाव है। सबके साथ प्रेम पूर्ण व्यवहार आपकी विशेषता है।
आपका अत्यंत प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ मैत्री संबंध हैं। आपने अपनी व्यवहार कुशलता एवं निष्ठा से गार्मेंट्स क्षेत्र में विशेष प्रतिष्ठा अर्जित की है।
आपका मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को आधुनिकता के साथ ही अपने जैन धर्म के सर्वोपरि संस्कारों को भी जीवन में सबसे आगे रखना चाहिए।
धन में वृद्धि के साथ धर्म में भी वृद्धि का प्रयास करते रहें।

व्यवसाय के साथ ही संघ सेवा में भी अग्रणी हैं सुरेशचंदजी मेहता
आप श्री साधुमार्गी जैन संघ, बेंगलूरु के उपाध्यक्ष हैं। सन् 2021 में ब्यावर, राजस्थान में चातुर्मासार्थ विराजमान सामाजिक उत्क्रांति प्रेरक, आचार्य भगवन् 1008 श्री रामलालजी म.सा.,
उपाध्याय प्रवर बहुश्रुत वाचनाचार्य श्री राजेशमुनिजी म.सा. आदि ठाणा के दर्शनार्थ गुरु दर्शन हवाई यात्रा संघ के आप प्रायोजक रहे जिसकी सुंदर व्यवसथा की सभी सराहना करते हैं।
जैन समय ‘अनमोल रत्न’ सुरेशचंदजी मेहता – जैन समय के ‘अनमोल रत्न’ सुरेशचंदजी मेहता की रग – रग में जैन धर्म की प्रभावना की प्रबलतम भावना है।
जैन समय के विश्व व्यापी धर्मप्रचार अभियान को गति देने हेतु आपने जैन समय के स्तंभ सहयोगी बनकर हमारे उत्साह को अनेक गुणा बढ़ाया है। हम मेहता परिवार के लिये सर्वसुखमय जीवन की यशस्वी मंगलकामनायें करते हुए शत शत आभार प्रदर्शित करते हैं।



