सत्कर्मों के परिणामों से ही संसार में सुख वैभव समृद्धि प्राप्त होती है। पूर्वोपार्जित पुण्यानुबंधी पुण्य का जो जिनशासन की सेवा में, परोपकार में, जन कल्याण में सदुपयोग करते हैं वे अपना जन्म सार्थक कर देते हैं।
देव गुरु धर्म के प्रति श्रद्धावान सज्जनबाईजी उत्तमचंदजी बोहरा व उनके पुत्र गुरु भगवंतों की सेवा के साथ ही पुण्य कार्यों में जुड़कर लक्ष्मी का सदुपयोग कर रहे हैं।
उदारता, सरलता और धर्म निष्ठा का संगम सुश्राविका सज्जनबाईजी बोहरा गुरु भक्ति एवं सेवा का आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं अनमोल रत्न राजेशजी बोहरा
राजस्थान की सुहावनी नगरी बर के मूल निवासी स्व. रंगलालजी स्व. सेणीबाईजी बोहरा के सुपुत्र स्व. आर. उत्तमचंदजी बोहरा की धर्मपत्नी सज्जनबाईजी बोहरा थर्मनिष्ठा एवं गुरुभक्ति में अग्रणी श्राविका है। आपके तीनों सुपुत्र आनंदकुमारजी, राजेशकुमारजी एवं मनोजकुमारजी बोहरा आपके सुसंस्कारों को आत्मसात करते हुए जिनशासन की सेवा में तत्पर रहते हुए बोहरा परिवार की यश कीर्ति में अभिवृद्धि कर रहे हैं। स्व. रंगलालजी बोहरा बर राजस्थान से लगभग 100 वर्ष पूर्व कर्नाटक के प्रमुख नगर के.जी.एफ. में व्यापार हेतु आए। उनके के.जी.एफ. आने में लालचंदजी बोहरा (के. एल. बोहरा) की विशेष भूमिका रही। रंगलालजी बोहरा ने के.जी. एफ. में गिरवी का व्यापार प्रारंभ किया जिसे अपनी मेहनत और लगन से आगे बढ़ाया। आपकी थर्मपत्नी सेणीबाईजी अत्यंत थर्मनिष्ठ एवं महान पुण्यवान श्रविका थी। उनका अधिकांश समय स्थानक भवन में धर्म ध्यान में ही व्यतीत होता था। उनका 104 वर्ष की सुदीर्घ आयु में स्वर्गवास हुआ। उन्होंने अपने जीवन में कभी डहक्टर की दवाई नहीं ली। वे अपना कार्य स्वयं करते थे। वे पूर्ण स्वस्थ थे और जीवन के अंतिम समय तक उनके मुंह में 32 दांत थे। रंगलालजी बोहरा के सुपुत्र उत्तमचंदजी बोहरा भी अत्यंत प्रतिभाशाली थे।
उत्तमचंदजी बोहरा के.जी. एफ. में राजेश ड्रेसेस के नाम से रेडीमेड गार्मेंट्स का शोरुम प्रारंभ किया। तत्पश्चात निरंतर प्रगति पथ पर बढ़ते हुए सन् 1990 में के.जी.एफ. के समीप वी. कोटा में मनोज ज्वेलर्स एंड पॉन ब्रोकर्स प्रतिष्ठान का शुभारंभ किया जिसने बड़ी ख्याति अर्जित की। उत्तमचंदजी बोहरा श्री श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, रॉबर्टसनपेट, के. जी.एफ. से सक्रिय रुप से जुड़े हुए थे। आपकी रग रग में थर्म निष्ठा समायी हुई थी। उत्तमचंदजी बोहरा का विवाह केजीएफ निवासी घेवरचंदजी रातड़िया मुथा (सोजत) की अत्यंत गुणवान सुपुत्री सज्जनबाईजी से संपन्न हुआ।
सज्जनबाई के हृदय में बचपन से ही देव गुरु और धर्म के प्रति प्रगाढ़ श्रद्धा है। गुरु भगवंतों की सेवा में आप सदैव अग्रणी रहते हैं। के.जी.एफ. में आपका निवास जैन स्थानक के समीप वाला भवन है इसलिए आपको गोचरी सेवा इत्यादि का भी भरपूर लाभ मिलता है। आप वर्तमान में 75 वर्ष की उम्र में भी पूर्ण रुप से थर्म आराधना एवं गुरु भगवंतों की सेवा में सक्रिय रहते हैं। के.जी.एफ. में जितने भी चातुर्मास हुए हैं, वे सभी साधु साध्वी भगवंत आज भी सज्जनबाईजी बोहरा की सेवा भावना की बड़ी सराहना करते हैं। आपके प्रथम पुत्र पुत्रवधु आनंदकुमारजी मीनाकुमारीजी बोहरा एवं पौत्रियाँ अंजनाकुमारी, कीर्ति एवं वंदना चिक्कबल्लापुर, बेंगलूरु में निवास कर रहे हैं। आपके द्वितीय पुत्र पुत्रवधु राजेशकुमारजी संगीताबाईजी बोहरा एवं तृतीय पुत्र पुत्रवधु मनोजकुमारजी हेमलताजी बोहरा बसवनगुडी बेंगलूरु में निवासी हैं।
आपके सुपुत्र राजेशकुमारजी एवं मनोजकुमारजी ने के.जी.एफ. में पढ़ाई करने के पश्चात व्यापार का विस्तार करने का निश्चय किया और बेंगलूरु में होलसेल ज्वेलरी व्यापार के हृदय स्थल सी.टी. स्ट्रीट में MJV Jewels Craft एवं MJV Gold नाम से 2 प्रतिष्ठान प्रारंभ किए और अपनी लगन एवं व्यवहार कुशलता से ज्वेलरी मार्केट में विशेष प्रतिष्ठा प्राप्त की है। राजेशकुमारजी बोहरा की सुपुत्री खुशी बोहरा B.Com की पढ़ाई एवं ज्वेलरी डिजाईन का कोर्स कर रही हैं। मनोजकुमारजी बोहरा के पुत्र तनिषकुमार एवं दो पुत्रियाँ दिशा एवं लब्धि बेंगलूरु में अध्ययन कर रहे हैं।
सज्जनबाईजी रंगलालजी बोहरा के तीन सुपुत्री जंवाई अनिताबाई नवरतनजी कोठारी हनुमंतनगर, बेंगलूरु, रेखाबाईजी महेन्द्रजी मेहता तिरुवन्नामलै (त.ना.) एवं बिंदुबाईजी -अशोकजी मरलेचा हनुमंतनगर, बेंगलूरु में निवासी है। राजेशकुमारजी बोहरा भौतिक संपदा में अभिवृद्धि के साथ ही पुण्य संपदा में भी निंरतर अभिवृद्धि करते रहे हैं। राजेशजी बोहरा गुरु भगवंतों की सेवा में भी अग्रणी है। आप के. जी.एफ. में गुरु आशीष सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे। आपके अध्यक्षीय कार्यकाल में उत्तर भारतीय प्रवर्तक राष्ट्रसंत आशीषमुनिजी म.सा. की प्रेरणा से वी. कोटा से 15 किलोमीटर दूर सुंदरपाल्या में गुरु आशीष विहार धाम का निर्माण हुआ और फरवरी 2021 में श्रमण संघीय उपप्रवर्तक श्री श्रुतमुनिजी म.सा. की निश्रा में उद्घाटन हुआ।

सज्जनबाई बोहरा का जीवन धार्मिक दिन चर्या से परिपूर्ण है। नित्य सामायिक करना, अवसरानुकूल प्रतिक्रमण, संवर, पौषध आराधना करते हैं और निर्मंथ साधु साध्वियों के दर्शन, प्रवचन श्रवण, सेवा के भाव रहते हैं। दान पुण्य में तत्पर रहते हैं।
वी. कोटा में श्रीमती सेणीबाई रंगलालजी बोहरा विहार धाम संचालित है जिसमें आपके सुपुत्र राजेशजी बोहरा एवं मनोजजी बोहरा समर्पित भावों के साथ सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। श्रमण संघीय उत्तर भारतीय प्रवर्तक राष्ट्र संत श्री आशीषमुनिजी म.सा. की निश्रा में इस विहार धाम का भूमि पूजन हुआ था। श्रमण संघीय सलाहकार राजर्षि तपस्वीरत्न सुमतिप्रकाशजी म.सा. की निश्रा में सन् 2017 में विहार धाम का उद्घाटन हुआ। श्रीमती सेणीबाई रंगलालजी बोहरा विहारधाम, शाही गार्डन, एम.जी. रोड, वी. कोटा में स्थित है जो के.जी.एफ. से तमिलनाडु विहार का प्रमुख मार्ग है।
प्रति वर्ष सभी सम्प्रदायों के करीब 200 साधु साध्वी भगवंतों का इस विहार धाम में पदार्पण होता है। आप समर्पित भाव से बिना किसी भेद भाव के सभी साधु साध्वी वृंद की सेवा हेतु तत्पर रहते हैं, जो जैन एकता के लिए एक आदर्श है।

