स्व. श्री ललितजी खांटेड़ | Lalitji Khanted

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Lalitkumarji Khanted

दृढ़ निश्चय एवं ऊंची सोच के धनी थे ललितजी खांटेड़

जैन समय। बेंगलूरु
बेंगलूरु महानगर के सुप्रसिद्ध कन्नड़ फिल्म निर्माता मार्स फिल्म्स, मार्स बिल्डर्स एवं झंकार म्यूजिक ग्रुप के संस्थापक स्व. हीराचंदजी – स्व. तिलोकीदेवी खांटेड़ (मरुधर में खिंवाड़ा) के तृतीय पुत्र ललितजी खांटेड़ का 61 वर्ष की उम्र में 6 जुलाई को स्वर्गवास हो गया। देव गुरु धर्म के प्रति श्रद्धानिष्ठ ललितजी खांटेड़ के हृदय में जिनेश्वर परमात्मा के प्रति प्रगाढ़ श्रद्धा समायी हुई थी। ललितजी खांटेड़ के बड़े भ्राता स्व. सुरेशचंदजी एवं निर्मलकुमारजी खांटेड़ और लघु भ्राता नरेशकुमारजी, भरतकुमारजी खांटेड़ इन पाँचों भाईयों का प्रेम अनुपम एवं अटूट रहा है।

पाँचों भाईयों की जोड़ी को लोग पाँच पांडव की उपमा देते हैं। ललितजी खांटेड़ युवा अवस्था से ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे दृढ़ निश्चयी एवं मिलनसार स्वभाव के थे। जो निश्चय कर लेते थे उसे पूरा करके ही रहते थे। अपने मित्रों में वे अत्यंत लोकप्रिय थे। उनकी मित्रता अपने समाजबंधुओं के साथ ही स्थानीय कन्नड़ भाषी व्यक्तियों के साथ व्यापक स्तर पर थी।

बड़े बड़े राजनेता और प्रशासनिक अधिकारी भी उनके मधुर व्यवहार के कारण मित्र थे। कन्नड़ सिने जगत के कलाकारों एवं गायकों को मार्स फिल्म्स एवं झंकार म्यूजिक के माध्यम से प्रोत्साहन मिला। कन्नड़ गीतों के निर्माण एवं उनके प्रचार प्रसार में झंकार म्यूजिक का योगदान अनुपम एवं अतुलनीय है। मार्स फिल्म्स द्वारा ‘मुस्संजे मातु’ ‘चिरु’ ‘प्रीतिसले बेकु’ भी अनेक सुपर हिट कन्नड़ फिल्मों के निर्माण से कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री (संडलवुड) में मार्स फिल्म्स का गौरवशाली योगदान है।

गुजराती एवं पंजाबी संगीत लोक में झंकार म्यूजिक का वर्तमान समय में अग्रगण्य भूमिका है और इनके अनेक गाने सुपर हिट हुए हैं। संडलवुड के अनेक जाने माने कलाकार, संगीतकार एवं गायकों के साथ ही बड़ी संख्या में कर्नाटक के गणमान्यजन ललितजी खांटेड़ की अंतिम यात्रा में सम्मिलित हुए और शोक संतप्त खांटेड़ परिवार को हार्दिक संवेदना प्रकट की।

लोग आपकी बुद्धिमत्ता एवं कार्यकुशलता की प्रशंसा करते थे। अनेक लोगों की विभिन्न समस्याओं का भी आपने सूझबूझ से समाधान कराया। आपने एक गौरवशाली जीवन जिया। आपके असमय देहावसान से समाज में एक युवा रत्न की बड़ी कमी हुई है। आपके भाई भाभी, अनुज अनुजवधु, आपकी धर्मपत्नी रुक्मणिबाईजी एवं पुत्र-पुत्रवधु कुशलजी-अपूर्वीजी, हार्दिकजी-गीताजी, बहन-बहनोई, भतीज-भतीजवधु, पौत्र, दौहित्र-दौहित्रियाँ आदि सभी आपकी मधुर स्मृतियों को हृदय में संजोए हुए हैं।

‘जैन समय’ समूह की ओर से ललितजी खांटेड़ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी दिवंगत आत्मा को चिर शांति प्राप्ति एवं परिजनों को धैर्य की प्रभु से प्रार्थना करते हैं।