किरणचंदजी बोहरा

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पुण्योपार्जित लक्ष्मी का जिनशासन सेवा में विपुल सदुपयोग कर रहे हैं देव, गुरु, धर्म के प्रति प्रगाढ़ श्रद्धावान अनमोल रत्न किरणचंदजी बोहरा

जीवन की शोमा अलंकारों से नहीं अपितु संरकारों और उच्च विचारों से है, विनम्रता, सरलता और सहनशीलता से है सज्जनता रुपी आभूषण को धारण करते वाला व्यक्ति संसार में देवों के समात शोभायमाल एवं आदरणीय होता है।

सबके चहेते, सबके प्रिय, सरलता, दिनरूत्ता, व्यवहार कुनलता के साथ उदार हृदय आदि गुणों का संगम है राजस्थान में झूठा रायपुर निवासी स्वनाम धन्य श्रेष्ठीवर्य स्व. भीकमचंदजी – कमलाबाई धनेचा बोहरा के सुपुत्र, बेंगलुरु कर्नाटक वो सुप्रतिष्ठित फाईनंस व्यवसायी, स्वाति फाईनेंस के मालिक धर्मनिष्ठ उदारमना आवक रान किरणबंदणी पनेचा बोहरा। आपने अपनी मिलनसारिता, विनम्रता एवं सज्जन स्वभाव से सभी के हृदय में अपना विशेष स्थान बनाया है।

आपका जन्म वीर भूमि राजस्थान की धर्मनगरी झूठा रायपुर में हुआ। आपने प्रारंभिक शिक्षा कोटड़ा, ब्यावर में की। आपके हृदय में बचपन से ही कुछ विशेष करने की भावना थी, जिसे आपने पूरा किया। आप 16 वर्ष की उम्र में व्यवसाय में अपने भागय को परखने हेतु बेंगलूरु में पधारे। यहाँ आप पर हुआ मुरोसा रसालबाई गोरतमलजी बिलवाजिया का वरदहस्त रहा आपके गुआ के बेटे भाई प्रकाशचंदजी, लेजराजजी, केवलचंदजी एवं इंदरचांदणी बिलवाहिया का सगे भाई जैसा स्नेह रहा जो वर्तमान में भी उसी प्रकार से बना हुआ है। आपने अपनी कुशाष बुद्धिमता एवं लगन से शीघ्र ही व्यापार की बारीकियों को समझा और कजड़, तमिल भाषा पर अच्छी पकड़ बना ली। सन् 1985 में एस.आर. नगर में आपने स्टील एवं ज्वेलरी की दुकान ‘स्वागत’ प्रारंभकी। आपकी व्यवहार कुशलता, जगन एवं प्रामाणिकता से व्यवसाय प्रगति के पथ पर बढ़ता रहा। ग्राहकों की संतुष्टि जापकी सर्व प्रथम प्राथमिकता रहती थी। इस कारण आपके ग्राहक आपसे अत्यंत प्रसन्न रहते थे। आप अपने क्षेत्र में शीघ्र ही लोकप्रिय बन गए। किरणबंदजी बोहरा के जीवन में गृहस्थजीवन में प्रवेश का स्वर्णिम अवसर आया। सप्तपदी के संस्कारों को संपत्र करते हुए आपका विवाह बीजाजी का गुड़ा, राजस्थान मूल के एवं बेंगलुरु में कैटोन्मेंट निवासी मोतीलालजी सकलेचा की गुणवान सुपुत्री हँसमुख एवं मिलनसार व्यक्तित्व की धनी हेनादेवी के साथ सुसंपन्न हुआ। धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति से ओतप्रोत हेमादेवी ने एक कुशल गृहिणी के रुप में पारिवारिक कर्तकों का सुंदर रूप से निर्वाह किया और अपने पतिदेव को जीवन के हर क्षेत्र में पूरा साथ दिया। आपके पुत्र नीरजजी एवं पुत्री खुशबूजी के जन्म ने बोहरा परिवार के आआंगन को आनंद से परिपूर्ण किया।

आपके पुत्ररत्न नीरजजी भी अपने माता पिता के सुसंस्कारों का अनुसरण करते हुए अत्यंत विनयवान एवं प्रतिभा के धनी हैं। नीरजजी का शुभ विवाह वगड़ीनगर निवासी श्रेष्ठीवर्य सुरेशचंदजी-सरलाबाई कोठारी की सुसंस्कारवान सुपुत्रः सुमनजों के साथ संपन हुआ। नीरजजी सुमनजी की पुत्री अनायरा के जन्म से बोहरा परिवार की खुशियों में और भी अभिवृद्धि हो गई है। किरणचंदजी हेमादेवी बोहरा की गुणवान सुपुत्री खुशबूजी का शुभ विवाह राजस्थान में निम्बेड़ा के मूल निवासी एवं जीवनहल्ली बेंगलूरु कैट निवास श्रेष्टीवर्य सुरेशचदजी-संतोषबाई लोढ़ा के पुत्ररत्न मनीषजी लोढ़ा के साथ सुसंपन्न हुआ और अभी हाल ही में उनके पुत्र के जन्म से लोड़ा परिवार एवं ननिहाल बोहरा परिवार में जन्मोत्सव का आनंद छाया हुआ है। किरणचांदजी की बड़े आता भाभी धर्मीचंदजी उषाबाई बोहरा है। आप पर उनका पूरा आशीर्वाद है। किरणचंदजी बोहरा ने अपने परिश्रम, लगन, एवं कुशल व्यवहार से अपने समाज में सबके दिलों में विश्वस्त स्थान निर्मित किया। आपने अपने निवास क्षेत्र संपंगीरामन्नर में स्थानीय जन समुदाय में प्रतिष्ठा अर्जित करने के साथ ही सामाजिक क्षेत्र में भी अच्छी यश कीर्ति प्राप्त की है। देव, गुरु, धर्म के प्रति आपके हृदय में अटूट आस्था है। त्यागी, संवनी, चारित्र आत्माओं के प्रति विशेष श्रद्धा भाव रखते हैं। आप आचार्य श्री जयमलजी म.सा., आचार्य श्री पार्श्वचंद्रजी म.सा., पद्मोदय जैन कैलेण्डर के प्रणेता, ओजस्वी प्रवचनकार श्री पवमचंद्रजी म.सा. के प्रति प्रगाढ़ आस्थावान है। आप कर्नाटक गजकेसरी चोर तपस्वी श्री गणेशलालजी म.सा. के प्रति भी विशेष श्रद्धा निष्ठ आवक है। आपके हृदय में अहंकार का कोई स्थान नहीं है। साथ ही आप संप्रदायवाद की भावना से कोसों दूर हैं। आप जिनेश्वर भगवान की आज्ञा में संवन साधना करने वाले सभी चारित्र आत्माओं के प्रति श्रद्धा एवं सेवा की भावना रखते हैं। आपकी धर्मपत्नी हेमादेवी भी जिनशासन सेवा एवं गुरु भक्ति में पूरा साथ निभा रही हैं। किरणचंदजी चोहरा सामायिक स्वाध्याय में गहरी रुचि रखने के साथ ही व्रत प्रत्याख्यान एवं तप आराबना में भी अग्रणी है। आपके एकांतर उपवास वर्षीतप की सूदीर्घ तपाचचना गतिमान है जो आपकी तेजस्विता में निरंतर अभिवृद्धि कर रही है। आप निःसंदेह अत्यंत सौभाग्यशाली है। आपको देव, गुरु, धर्म की कृपा से सभी शुभसंयोग प्राप्त हैं। सुसंस्कारी परिवार, धर्मनिष्ठा, संनिष्ठा, गुरुनिष्ठा, चरित्रनिष्ठा आपके जीवन में दृष्टिगोबर होती है। संघ एवं संस्थाओं में गरिमापूर्ण प्रतिष्ठा आपको प्राप्त है। संघ एवं धर्म की सेवा करके आप अपने सीभाग्य में अभिवृद्धि कर रहे हैं।

सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में आप अपनी निष्काम सेवाएँ प्रदान कर एक सथ्ये श्रावक के कर्तव्यों का सुंदर निर्वाह कर रहे हैं। आप श्री गुरु गणेश सेवा समिति कर्नाटक देगलूरु के अध्यक्ष पद को सार्थक करते हुए समिति को प्रगति के नए शिखर पर अग्रसर कर रहे हैं। आपके नेतृत्व में समिति द्वारा माह अमावस्या को अन्नदान का विशाल आयोजन प्रगतिमान है जिसमें लगभग 4 हजार से 6 हजार व्यक्ति लाभान्वित होते हैं। अभी हाल ही में 17 नवंबर 2024 को आपके अध्यक्षीय कार्यकाल में गुरु गणेश जन्मोत्सव का विशाल एवं ऐतिहासिक आयोजन वी.वी. पुरम स्थित महावीर यर्मशाला में बड़ी संख्या में साधु साध्यी भगवंतों की पावन निश्रा में सुसंपन्न हुआ समिति द्वारा अनेक गौशालाओं में विद्युल धन राशि का भी सहयोग किया गया जो अनुकरणीय एवं अभिनंदनीय है। आप जैन संग संपंगीरामनगर, बेगलूरु के अध्यक्ष हैं। नवकार ग्रुप, बेंगलूरु के उपाध्यक्ष हैं। श्री गुरु गणेश सेवा संगठन के कार्यकारिणी सदस्य है। श्री जयमल जैन संघ, बेंगलूरु के सक्रिय सदस्य हैं। किरणचंदजी बोहरा की धर्मपत्नी हेमादेवी बोहरा भी श्री सद्गुरु महिला मंडल, एस. आर. नगर की अध्यक्ष है। जीवदया प्रेमी किरणचंदजी बोहरा मानवसेवा, गौसेवा एवं गौशालाओं के विशेष सहयोगी हैं। जैन समाज की उन्नति के लिए आपके हृदय में विशेष गावना है। आप जैन एकता के प्रबल पदाधर हैं। आपका मानना है कि जैन समाज को छोटी छोटी बातों में उलझना छोड़कर चतुर्विध संघ की उन्नत्ति की ओर चिंतन करना है। उदारता, दूरदर्शिता एवं ऊँची सोच एवं विशाल दृष्टिकोण से ही समाज आगे बढ़ेगा।

आप मित्रता के आदर्श हैं। सबसे मेलजोल, प्रेम भाव रखना आपको अच्छा लगता है। आप सदैव प्रसन्न रहते हैं और अपने मधुर व्यवहार से सर्वत्र प्रसन्नता का संचार करते हैं। अच्छे काम करने वालों के उत्साहवर्धन एवं आगे बढ़ाने में आप आनंद का अनुभव करते हैं।

जैन समय ‘अनमोल रत्न’ किरणचंदजी बोहरा – जैन समय के ‘अनमोल रत्न’ किरणचंदजी बोहरा की रम – रग में जैन धर्म की प्रभावना एवं जिनशासन सेवा की प्रबलतम भावना है। जैन समय के विश्व व्यापी धर्मप्रचार अभियान को गति देने हेतु आपने जैन समय के स्तंभ सहयोगी बनकर हमारे उत्साह को अनेक गुणा बढ़ाया है। हम बोहरा परिवार के लिये सर्वसुखमय जीवन की यशस्वी मंगलकामनायें करते हुए शत शत आभार प्रदर्शित करते हैं।

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