श्री श्वेतांबर स्थानकवासी जैन महासंघ द्वारा सात सूत्री मार्गदर्शिका प्रस्तुतीकरण की घोषणा का स्वागत करते हुए ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी फेडरेशन के कर्नाटक प्रांतीय अध्यक्ष गौतमचंदजी धारीवाल ने एक विज्ञप्ति में कहा कि निश्चित ही इसे अब शहर के सभी श्रीसंघों को धरातल स्तर पर लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने महासंघ के सभी निर्णयों के फलीभूत होने की आशा व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि कम खर्चे में चातुर्मास की संपन्नता व धर्म वृद्धि इसी प्रकार से होगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही यहां महासंघ की सात सूत्री मार्गदर्शिका में अब स्थानकवासी समाज द्वारा आयोजित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में मात्र 11 खाद्य पदार्थ परोसने की बात सबसे पहले कही गई है। साथ ही साधु साध्वीवृंद के चातुर्मासिक प्रवेश में जुलूस अथवा वाद्य यंत्रों के प्रयोग नहीं करने, प्रवचन समय को अनुशासित रखने व ज्ञान वृद्धि को विशेष प्रोत्साहन देने का भी जिक्र है।
जैन आगमों को जुलूस का हिस्सा नहीं बनने व अतिथि स्वागत सत्कार भी शाब्दिक करने पर जोर दिया गया है। कुल मिलाकर चातुर्मास अधिक खर्चीले नहीं हो, ऐसे सामूहिक निर्णय को पारित किया गया है। महासंघ द्वारा वर्तमान परिपेक्ष में उक्त श्रेष्ठ विचारों की श्रृंखला पर लगभग सभी श्रीसंघों के पदाधिकारियों ने उचित निर्णय व सहमति भी व्यक्त की है।
गौतमचंदजी धारीवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि आगामी दिनों में चातुर्मास के दौरान यह पारित उचित प्रस्तावों के निर्णय लागू होने पर निश्चित ही बेंगलूरु के ऐतिहासिक कदम की चहूं ओर सराहना होगी व अन्य शहरों में श्रीसंघों के लिए भी प्रेरणादायक सिद्ध होगी। उन्होंने ऐसी नेक व अनुकरणीय तथा समय की आवश्यकतानुसार निर्णायक पहल करने पर महासंघ के पदाधिकारियों का सहमति बनाने पर समस्त श्रीसंघों के पदाधिकारियों का भी धन्यवाद आभार प्रकट किया है।
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