महाश्रमण भगवान बाहुबली चरण वंदना वात्सल्य विहार-2025 के तहत शांतिमूर्ति वात्सल्यरत्नाकर आचार्य श्री 108 सन्मतिसागरजी महाराज (दक्षिण) के परम शिष्य संयममूर्ति आचार्यश्री 108 वर्धमानसागरजी महाराज ससंघ 12 मुनिराज एवं अपार भक्त वृन्द के साथ दक्षिण नाकोड़ा तीर्थ, अरसीकेरे परिसर मे धूमधाम से प्रवेश कर आहार गोचरी ली। तीर्थ परिसर का अवलोकन करते हुए आचार्य ने निर्माणाधीन जिनालय एवं गुरु मंदिर की जानकारी ली। दक्षिण भारत में एक अनोखा तीर्थ स्थल का विश्लेषण कर आगामी वर्षों में तीर्थ महिमा का अंदाजन उजागर किया। दक्षिण नाकोड़ा तीर्थ के अध्यक्ष अशोककुमारजी सुराना ने बताया कि इस अवसर पर नाकोड़ा भैरव आराधना चेरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टीगण उपस्थित रहे।



