जैन समय। बेंगलूरु – तुलसी तीर्थ-प्रज्ञा शिखर, टॉडगढ़ के महाशिला अभिलेख की छाया तले तुलसी तीर्थ प्रज्ञा शिखर के प्रांगण में आचार्य श्री तुलसी के महाप्रयाण दिवस पर सप्तदशम विराट धम्मजागरण का आयोजन सानिध्य प्रदाता आचार्य श्री महाश्रमण की विदुषी शिष्या साध्वी श्री कीर्तिलताजी आदि ठाणा 4 द्वारा नमस्कार महामंत्र से प्रारंभ हुआ। मुख्य अतिथि सहकारिता मंत्री गोतमकुमारजी दक ने संबोधन में कहा कि आचार्य तुलसी ने धार्मिकता के साथ नैतिकता की नई सोच अणुव्रत-दर्शन को प्रस्तुत किया जिसका उद्देश्य था मानवीय एकता का विकास, सह-अस्तित्व की भावना का विकास, व्यवहार में प्रामाणिकता का विकास, आत्मनिरीक्षण की प्रवृत्ति का विकास व समाज में सही मानदंडों का विकास।
विशेष अतिथि लादूलालजी पितलिया विधायक सहाड़ा ने कहा कि अणुव्रत आंदोलन से आचार्य तुलसी ने देश में नैतिक विकास का शंखनाद किया। इससे जुड़ी मानवीय एकता, सार्वभौम अहिंसा, सर्वधर्म समन्वय, सापेक्ष चिंतनशैली से विकास के नए आयाम आकार लेने लगे। आयोजन को ब्यावर विधायक शंकरसिंहजी रावत ने भी संबोधित किया।

आयोजन समन्वयक मनीष रांका ने बताया कि धम्म जागरण के दौरान संगायक कमलजी छाजेड (नई दिल्ली), संदीपजी बरड़िया (बेंगलूरु) द्वारा आचार्य तुलसी की जीवनी पर अनेको गीतिकाओं की सुमधुर प्रस्तुतियां दी गई। तुलसी तीर्थ प्रज्ञा शिखर संस्थान के संस्थापक भीकमचंदजी कोठारी भ्रमर, अध्यक्ष देवराजजी आच्छा, महामंत्री महावीरचंदजी गेलड़ा ने साहित्य संस्थान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम संयोजक प्रवीणजी कोठारी, पुखराजजी गेलड़ा, सहमंत्री रमेशजी मुथा, स्वयंबोधजी कोठारी, प्रकाशजी पितलिया, अरविंदजी भरसारिया आदि पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में अच्छी व्यवस्था करके सभी को प्रमुदित कर दिया।

संपूर्ण पंडाल लाइटिंग एवं महा शिलालेख स्तंभ एवं अन्य आकृतियां देख कर लोग प्रभावित हुए। संचालन स्वयंबोधजी कोठारी ने किया कार्यक्रम में मंगरा क्षेत्र से देश के लिए अग्नि वीर सेवा में भर्ती हुए उनका भी कैबिनेट मंत्री द्वारा संस्थान की ओर से सम्मान किया गया। धर्म जागरण में उत्तमचंदजी सुखलेचा, गेहरीलालजी कोठारी, हसमुखलालजी बंबकी, जितेशजी पोखरणा,
देवजी चावत, हिमांशुजी रांका, सुरेशचंदजी दक, प्रकाशजी मेहता, पंकजजी दक आदि सहित पाली भीलवाड़ा, चित्तोड़गढ़, अजमेर, ब्यावर राजसमंद एवं महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक गुजरात, दिल्ली आदि राज्यों से सैंकड़ों श्रद्धालु उपस्थित हुए।


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