समाज हित चिंतक एवं उदार हृदय के धनी थे बाबुलालजी कोनाजी चौहान
जैन समय। बेंगलूरु
बेंगलूरु महानगर के व्यवसायिक जगत के सुप्रसिद्ध मनमंदिर मार्केटिंग एवं चंदन स्टील हाउस के संस्थापक शांत स्वभावी, मिलनसार व्यक्तित्व के धनी, बाबुलालजी चौहान सुपुत्र कानमलजी लखमाजी चौहान (दांतराई, राज.) का बेंगलूरु में 7 जुलाई को 79 वर्ष की उम्र में स्वर्गवास हो गया। बाबुलालजी चौहान देव, गुरु, धर्म के प्रति प्रगाढ़ श्रद्धावान थे एवं उदार हृदय के धनी थे। आप बेंगलूरु में 1959 में मात्र 13 वर्ष की उम्र में अपने भाग्य को चमकाने आए।
1973 तक आपने शा.मिश्रीमल सुखराज एंड कं. में कार्य किया। 1973 में आपने अपना प्रतिष्ठान चंदन स्टील हाउस प्रारंभ किया और बेंगलूरु में स्टील के बर्तन का व्यापार करने वाले प्रथम व्यवसायी बने। तत्पश्चात अपने बड़े भ्राता मीठालालजी के साथ 1975 में प्रवीण स्टील सेंटर का शुभारंभ किया। व्यवसायिक क्षेत्र में सफलता का ध्वज फहराते हुए आपने मनमंदिर मार्केटिंग भी प्रारंभ की। वर्तमान में आपके दोनों सुपुत्र प्रवीणकुमारजी एवं प्रदीपकुमारजी चौहान मनमंदिर मार्केटिंग एवं चंदन स्टील हाउस के माध्यम से व्यवसायिक क्षेत्र में आपके यश में अभिवृद्धि कर रहे हैं।
जीवदया एवं साधर्मिक बंधुओं के कल्याण की भावना बाबुलालजी चौहान के हृदय में समाहित थी। आप सबका हित चाहने वाले थे। आपकी प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से बेंगलूरु में लगभग 500 दुकानें प्रारंभ हुई जो आपके व्यवसायिक गौरव को दर्शाता है। चौहान परिवार जिनशासन में चतुर्विध संघ में अभिवृद्धि करने वाला वीर परिवार है। बाबुलालजी की बड़ी बहन श्री केसरसूरि
संप्रदाय के आचार्यश्री राजेन्द्रश्रीजी की सुशिष्या एवं आचार्यश्री हेमप्रभसूरिजी की आज्ञानुवर्तिनी साध्वीश्री वंसतश्रीजी के रुप में 22 नवंबर 1950 को दीक्षा ग्रहण की और लगभग 46 वर्ष की सुदीर्घ दीक्षा पर्याय का पालन कर 4 अक्टूबर 1995 को देवलोक गमन हुआ। दांतराई से यह सर्वप्रथम दीक्षा हुई और अब तक लगभग 60 दीक्षाएँ दांतराई से हो गई है।
अपने विशाल परिवार को सुंदर रुप से निभाया। सभी को धर्म आराधना, तपस्या, उपधान आदि हेतु प्रोत्साहन देते थे। छोटे बड़े सबके साथ घुलमिल जाते थे। आपकी और आपकी धर्मपत्नी नोनुबाई की जोड़ी की सब सराहना करते हैं। आपने पाँच पीढ़ियों में सैंकड़ो सगाई एवं विवाह संबंध संपन्न कराए। अपने रिश्तेदारों को कभी गृह निर्माण एवं व्यापार में कठिनाई आई तो
फाईनेंशियल सपोर्ट किया।
आपकी प्रशासनिक क्षेत्र में अच्छी पेठ थी। अनेक सी.ए. भी आपकी बुद्धिमत्ता की प्रशंसा करते थे। अनेक लोगों की विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं का भी सूझबूझ से समाधान कराया। आप अजितनाथ जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ नगरथपेट के फाउंडर ट्रस्टी, दांतराई में अनेक वर्षों तक मैनेजिंग कमेटी के प्रमुख सदस्य, पालीताणा में दांतराई भवन में कार्यकारिणी समिति सदस्य, कर्नाटक स्टेनलेस स्टील ट्रेड इंडस्ट्री एसोसिएशन (कास्टिया) के सहमंत्री रहे। श्री आबु जैन संघ एवं श्री आबु गौड़ जैन संघ के उपाध्यक्ष रहे। आपने एक गौरवशाली यशस्वी एवं धर्मनिष्ठ जीवन जिया।
‘जैन समय’ समूह की ओर से बाबुलालजी चौहान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी दिवंगत आत्मा को चिर शांति प्राप्ति एवं परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रभु से प्रार्थना करते हैं।




