स्व. श्रीमती चंचलदेवी भण्डारी | Chanchaldevi Bhandari

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Chanchaldevi Bhandari

जीवदया, करुणा, ममता, धर्मनिष्ठा का संगम थी चंचलदेवी भण्डारी

जैन समय। बेंगलूरु – राजस्थान के सुप्रतिष्ठित जालोर के मूल निवासी, बेंगलूरु महानगर के सुप्रसिद्ध फार्मा कंपनी फार्मालयम के रमेशचंदजी भण्डारी की धर्मपत्नी चंचलदेवी भण्डारी
का 23 मई को बेंगलूरु में स्वर्गवास हो गया। आपके मुख पर सदैव सौम्य मुस्कान छायी रहती थी। आपके हृदय में देव, गुरु, धर्म के प्रति प्रगाढ़ श्रद्धा थी। आपकी सामायिक प्रतिक्रमण आराधना में गहरी रुचि थी। आप में सगे संबंधियों के प्रति विशेष प्रेम, मान मनुहार एवं साधर्मिक बंधुओं के प्रति वात्सल्य, उन्हें उन्नति के पथ पर बढ़ाने और सहयोग की अप्रतिम
भावना थी।
आप सहनशीलता, समता, ममता और वात्सल्य की साक्षात मूर्ति थी। आप दृढ़ संकल्प एवं उच्च मनोबल की धनी थी। हर कार्य को सर्वोत्तम तरीके से संपन्न करना आप की विशेषता थी। अतिथि सत्कार, सबकी मान मनुहार एवं सबके साथ मधुर व्यवहार में कभी कोई कमी नहीं आने दी।
आपके पतिदेव श्री शांतिनाथ जैन श्वे. मूर्तिपूजक संघ, बेंगलूरु के चेयरमैन एवं पूर्व अध्यक्ष रमेशचंदजी भण्डारी जिनशासन की सेवा में, गुरु भगवंतों की सेवा में एवं साधर्मिक बंधुओं के उत्थान में अपनी लक्ष्मी का अधिकाधिक सदुपयोग करने में अग्रगण्य हैं। श्री त्रिस्तुतिक जैन संघ, जालोर के पूर्व अध्यक्ष के रूप में रमेशचंदजी भण्डारी समाज की सेवा कर रहे हैं बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों व विधवा महिलाओं की गुप्तदान सहायता कर मानव कल्याण में अपनी भूमिका निभा रहे है।
आपके कार्यकाल में जालोर संघ की विनती स्वीकार कर गच्छाधिपति आचार्यश्री नित्यसेन सूरीश्वरजी ने बड़ा न्याति नोहरा जालोर में ऐतिहासिक यशस्वी चातुर्मास संपन्न किया जो समस्त जालोर वासियों के लिए परम सौभाग्य की बात है। हँसमुख एव मधुर व्यवहार के धनी, जालोर में जन्मे रमेशचंदजी भण्डारी ने अपने पुरुषार्थ के बल पर बेंगलूरु – मदुरै – जालोर में विमलदीप, फार्मालयम, मीनाक्षी फर्म की स्थापना की और कड़ी मेहनत के बल पर एवं अपने गुरुदेव श्री राजेन्द्रसूरीश्वरजी, गच्छाधिपति जयंतसेनसूरीश्वरजी के आशीर्वाद से निरंतर ऊंचाईयों को पाया। चंचलदेवी भण्डारी ने अपने जीवन को गुरु भगवंतों की सेवा और अपनी मिलन सारिता, मधुर व्यवहार एवं धर्म के सुसंस्कारों से संपन्न बनाया।
आपके सुपुत्र-सुपुत्रवधु चेतनजी – कृष्णाजी भण्डारी आपके आदर्शों का अनुसरण कर भण्डारी परिवार के गौरव में वृद्धि कर रहे हैं। जैनत्व के संस्कारों से संपन्न भरापूरा परिवार है। चंचलदेवी भण्डारी के निधन से समाज में एक सुश्राविका की कमी हुई है। ‘जैन समय’ समूह की ओर से धर्म परायण चंचलदेवी भण्डारी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनकी दिवंगत आत्मा को शीघ्र ही शाश्वत सुखों की प्राप्ति की प्रार्थना करते हैं।