संजयजी बैद

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दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता, समाजसेवी और परोपकारी व्यक्तित्व का जीवंत उदाहरण
समाज हित एवं मानवसेवा में समर्पित अनमोल रत्न संजयजी बैद

नेता वह नहीं जो आगे चले, बल्कि वह होता है जो दूसरों को भी चलने की प्रेरणा दे।
संजयजी बैद ऐसे ही प्रेरणासपद, नेतृत्वशील और परोपकारी व्यक्ति हैं जिनका जीवन स्वयं एक संदेश है।

एक ऐसा व्यक्तित्व जो व्यवसाय में कुशलता, समाज सेवा में समर्पण और मानवीयता में गहराई का प्रतीक है। धर्मनिष्ठा एवं त्याग की पवित्र भूमि राजस्थान में धर्म नगरी नोखा निवासी श्रेष्ठीवर्य स्व. रतनलालजी – स्व. सुंदरबाई बैद के सुपौत्र एवं हनुमानमलजी – स्व. मोहिनीदेवी बैद के सुपत्र संजयजी बैद व्यवसाय के क्षेत्र में सफलता का ध्वज लहराने के साथ ही समाज
हित एवं मानवसेवा कार्यों से अपनी विशिष्ट पहचान निर्मित कर रहे हैं।
सरल, सहज, मधुर व्यवहार संपन्न संजयजी बैद अत्यंत ही मिलनसार एवं हँसमुख स्वभाव के धनी है। कड़ी मेहनत, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प आपकी सबसे बड़ी विशेषता है। आप
एक आदर्श युवा हैं। आप सबके चहेते हैं। आपके संपर्क में आने वाला हर कोई आपसे जुड़ना चाहता है। आप मित्रता निभाते हैं। आप मित्रता के आदर्श हैं।
आपका विवाह पुण्य नगरी ‘देशनोक’ निवासी श्रेष्ठीवर्य पूनमचंदजी – विमलादेवी छाजेड़ (कोकराझार, आसाम) की गुणवान सुपुत्री प्रेमकुमारीजी के साथ संपन्न हुआ। आप दोनों की अनुपम जोड़ी की सभी सराहना करते हैं। आपकी धर्मपत्नी प्रेमजी अत्यंत ही मिलनसार व्यक्तित्व की धनी, मधुर भाषी, विनयवान एवं देव गुरु धर्म के प्रति प्रगाढ़ श्रद्धावान हैं। उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में आपको कंधे से कंधा मिलाकर भरपूर साथ दिया। प्रेमजी एस. बैद तेरापंथ महिला मंडल आर.आर. नगर एवं राजस्थान परिषद लेडीज विंग की सक्रिय सदस्य हैं।

आपके सुपुत्र संभवजी बैद अत्यंत प्रतिभाशाली हैं और अभी सी.ए. की पढ़ाई कर रहे हैं। संभवजी ने पी.यू.सी. की परीक्षा में 97.8% अंक प्राप्त कर पूरे बेंगलूरु में 3rd Position प्राप्त किया। आपकी सुपुत्री हंसिकाजी बैद पीयूसी प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने दसवीं कक्षा की परीक्षा में 91% अंक प्राप्त किए। आपके भाई – भाभी मनोजकुमारजी –
शशिजी बैद एवं बहन – बहनोईजी सुमनजी – महावीरजी मालू (नोखा निवासी) हैं।
संजयजी बैद अपनी व्यवहारिक शिक्षा पूर्ण कर व्यवसायिक क्षेत्र में अपने भाग्य को परखने के लिए करीब 25 वर्ष पूर्व बेंगलूरु महानगर में व्यापार करने आए। आपने ऑटोमोटिव फाईनेन्स का व्यवसाय प्रारंभ किया। अपने परिश्रम और ग्राहकों के साथ मधुर व्यवहार से आपने व्यापार में बहुत प्रगति की। अपने लक्ष्य को विशाल बनाते हुए वर्ष 2008 में आपने रियलएस्टेट का व्यापार भी प्रारंभ किया। अपनी दूरदर्शी सोच और बुद्धिमत्ता से व्यापार में निरंतर उन्नति की और वर्ष 2019 में आपने ‘गुरु पुनवानी प्रोपर्टीज प्रा. लि.’ की स्थापना की।
व्यवसाय में नेतृत्व की ऊँचाइयाँ संजयजी बैद ने पिछले 15 वर्षों में रियल एस्टेट क्षेत्र में उत्कृष्टता के ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे।
एक कुशल रणनीतिकार और दूरदर्शी योजनाकार संजयजी बैद ‘गुरु पुनवानी प्रोपर्टीज प्रा. लि.’ के निदेशक के रूप में कंपनी द्वारा सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। ‘गुरु पुनवानी’ प्लॉटेड डेवलपमेंट का एक अत्यंत विश्वसनीय ब्रांड है।
उनके मार्गदर्शन में 25 से अधिक आवासीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हुआ है, जिससे कर्नाटक राज्य में 2500 से अधिक परिवारों को गरिमापूर्ण आवास उपलब्ध हुआ।
पर्यावरण के अनुकूल, उत्तम स्वास्थ्य के लिए लाभदायक सुंदर सुखद सुरक्षित आवास मिले, यही गुरु पुनवानी का मुख्य उद्देश्य है।

समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान : संजयजी बैद के जीवन की सबसे विशेष बात यह है कि उन्होंने कभी भी समाज को स्वयं से अलग नहीं समझा। उन्होंने व्यवसाय की उपलब्धियों को समाज के उत्थान के लिए एक साधन के रूप में उपयोग किया है। वे तेरापंथ युवक परिषद, विजयनगर के सचिव के रूप में दो कार्यकालों तक सक्रिय रहे हैं और युवाओं को दिशा, ऊर्जा और संस्कार देने का निरंतर प्रयास किया है। साथ ही वे अनेक सामाजिक संस्थाओं में भी महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
आप राजस्थान परिषद, बेंगलूरु के अध्यक्ष पद को सुशोभित कर रहे हैं। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा आर.आर. नगर के ट्रस्टी हैं।
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ ट्रस्ट, राजराजेश्वरी नगर के प्रथम मंत्री बने एवं उपाध्यक्ष पद का भी निर्वहन किया है।
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा संचालित ‘युवा वाहिनी’ जो आचार्य महाश्रमणजी के विहार के लिए सक्रिय रूप से सेवा कार्य करता है, उसके इंचार्ज एवं सह-इंचार्ज के पद पर रहते हुए सामाजिक सरोकार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इन भूमिकाओं में वे संगठन की योजना, अनुशासन, प्रेरणा और सेवाभाव को समर्पित करते हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना और भी सशक्त होता है।
स्वास्थ्य सेवा में मानवीय दृष्टिकोण जब बात समाज के सबसे जरूरी पक्ष ‘स्वास्थ्य’ की आती है, तो संजयजी बैद ने इसे भी अपनी सेवा का क्षेत्र बनाया। उन्होंने संस्थापक संयोजक के रुप में ‘आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर और डेंटल केयर’ की स्थापना तेरापंथ युवक परिषद, आर. आर. नगर के अंतर्गत की है। यह केंद्र एक सुलभ, आधुनिक और मानवीय स्वास्थ्य सेवा केंद्र है, जहाँ निःस्वार्थ भाव से समाज को उत्तम चिकित्सा सुविधा दी जाती है। यह परियोजना उनकी समर्पित सोच और समाज के प्रति संवेदनशीलता का अद्वितीय प्रमाण है।

नैतिक मूल्यों से सशक्त नेतृत्व : संजयजी बैद के व्यक्तित्व की असली शक्ति उनके नैतिक मूल्य, पारदर्शिता, और जीवन के प्रति उनकी सच्चाई है। वे अपने प्रत्येक कार्य को केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि धर्म मानकर करते हैं। वे उन विरले व्यक्तित्वों में से हैं जिनकी उपस्थिति से संगठन सशक्त होते हैं, समाज सजग होता है और पीढ़ियाँ संस्कारित होती हैं। उनकी सोच में दृढ़ता, कार्यों में निरंतरता, और व्यवहार में सद्भावना है।

संजयजी बैद के हृदय में जैन एकता की प्रबल भावना है। संप्रदायवाद से दूर हैं। सम्मान और प्रेरणा का शिखर संजयजी बैद केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं – ऐसा विचार जो बताता है कि जब व्यापार में ईमानदारी, सेवा में संवेदना, और जीवन में संतुलन हो, तो व्यक्ति समाज का दर्पण बन जाता है। उनकी उपलब्धियाँ केवल संख्याओं में नहीं, बल्कि लोगों की मुस्कानों में, जीवन में आए बदलावों में, और आने वाली पीढ़ियों के लिए बनी प्रेरणा में दिखाई देती हैं। वे उन लोगों में से हैं जो नेतृत्व से पहले सेवा को महत्व देते हैं।

संजयजी बैद की कार्यशैली में पारदर्शिता, ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण और दीर्घकालिक विश्वास की भावना है, जिसने उन्हें व्यवसायिक ईमानदारी और गुणवत्ता का प्रतीक बना दिया है।

जैन समय ‘अनमोल रत्न’ संजयजी बैद : जैन समय के ‘अनमोल रत्न’ संजयजी बैद की रग -रग में जैन धर्म की प्रभावना की प्रबलतम भावना है। जैन समय के विश्व व्यापी धर्मप्रचार अभियान को गति देने हेतु आपने जैन समय के स्तंभ सहयोगी बनकर हमारे उत्साह को अनेक गुणा बढ़ाया है। हम बैद परिवार के लिये सर्वसुखमय जीवन की यशस्वी मंगलकामनायें करते हुए शत शत आभार प्रदर्शित करते हैं।