जो अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पवान होते हैं, उन्हें कोई भी कठिनाई विचलित नहीं कर सकती है। निरंतर पुरुषार्थ उन्हें सफलता के शिखर पर अवश्य पहुँचाता है।
जिसके कण कण में वीरता और देश भक्ति की भावना समायी हुई है ऐसी वीर भूमि मेवाड़ में मदारिया क्षेत्र में नाथड़ियास के प्रतिष्ठित पीतलिया परिवार के धर्म निष्ठ सुश्राविका मदनीबाई श्रावक रत्न स्व. धर्मचंदजी पीतलिया के सुपुत्र शांतिलालजी पीतलिया जिनशासन की प्रभावना अग्रसर है। आपका जन्म नाथड़ियास में हुआ। आपके दादाजी दादीजी स्व. छीतरमलजी स्व. पीतलिया अत्यंत धर्म परायण एवं देव गुरु धर्म के प्रति दृढ़ श्रद्धावान थे।
शांतिलालजी पीतलिया ने राजस्थान में अपनी पढ़ाई पूर्ण कर व्यवसाय के क्षेत्र में भाग्य को चमकाने के लिए बेंगलुरु में कदम रखे। आपने चार वर्ष वस्त्र व्यवसाय में अनुभव लिया और 1989 में मंगल ज्योति नाम से वस्त्र एवं रेडी मेड गार्मेंट्स का शोरुम महालक्ष्मी लेजाऊट में प्रारंभ किया।
अपने मेहनती स्वभाव एवं व्यवहार कुशलता से आपने ग्राहकों का दिल जीत लिया। यहाँ आपको गार्मेंट्स व्यवसाय में विशेष उन्नति दृष्टिगोचर हुई और आपने 1995 में अपने बहनोईसा सुरेशचंदजी मेहता एवं अनुज भ्राता लादुलालजी पीतलिया के साथ भैरु गार्मेंट्स के नाम से मामूलपेट में रेडीमेड गार्मेंट्स का होलसेल व्यवसाय प्रारंभ किया। अपनी सूझबूझ, दूर दर्शिता एवं कुशल संचालन से आज गार्मेंट्स व्यवसाय में ‘भैरु फैशंस ग्रुप’ अग्रगण्य स्थान रखता है। शांतिलालजी पीतलिया का विवाह यशवंतपुर, बेंगलूरु निवासी चम्पालालजी कमलाबाई मेहर (ईसरमंड, राज.) की गुणवान सुपुत्री संगीताजी के साथ संपन्न हुआ।
आपकी धर्मपत्नी संगीतानी अत्यंत ही मधुरभाषी, विनयवान एवं सरल स्वभाव की धनी, अतिथि सत्कार में अग्रणी, धर्मपरायणा एवं साधु साध्वी भगवंतों की सेवा में अग्रणी विनयवान सुश्नाविका हैं। आपके पुत्र वैभवजी पीतलिया का विवाह हुणसूर निवासी मनोहरलालजी आशाबाई मारु (बरार, राज.) की सुपुत्री पूजाजी के साथ संपन्न हुआ है। आपकी सुपुत्री नेहाजी का विवाह राजाजीनगर, बेंगलूरु निवासी सागरमलजी कांताबाई मांडोत (कांकरोली, राज.) के सुपुत्र विपुलजी मांडोत के साथ संपन्न हुआ है। दौहित्र दक्ष एवं दौहित्री कियारा मांडोत है।
समाजसेवी शांतिलालजी पीतलिया अत्यंत ही जीवदया प्रेमी हैं। जरुरतमंदों को षिक्षा, चिकित्सा सहयोग, गौसेवा, कबूतरों को चुग्गा में अपने बहनोईसा सुरेशबंदजी मेहता एवं भाई लादुलालजी पीतलिया के साथ श्री जैन मानव सेवा ट्रस्ट के माध्यम से विभिन्न संवा कार्य करते हुए जिनशासन का गौरव बढ़ा रहे हैं।
आपके अनुज लादुलालजी का विवाह संजयनगर, बेंगलूरु निवासी सम्पतराजजी बोहरा (लसाणी, राज.) की सुपुत्री सीताबाई के साथ संपन्न हुआ। लादुलालजी पीतलिया के पुत्र पुत्रवधु विशालजी पायलनी, विजयजी वेष्णवीजी, पुत्री खुशी (B.Com अध्ययनरत) एवं पौत्र विराज और पौत्री हीरा है। लादुलालली पीतलिया सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में अग्रणी है। अपने गृहक्षेत्र में जन जन में आपके सेवा कार्यों की विशेष ख्याति है। राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान में असम के राज्यपाल गुलाबचंदजी कटारिया एवं अनेक बड़े राजनेताओं से आपके अत्यंत आत्मीयतापूर्ण संबंध है।
आपके बहन बहनोई पानीबाई सुरेशचंदजी मेहता (राजनगर, राज.) राजाजीनगर, बेंगलूरु निवासी हैं। व्यवसाय, मानव सेवा आदि जीवन के हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर आपका साथ दे रहे हैं। आपने कोरोना की राष्ट्रीय आपदा के समय हजारों परिवारों को राशन किट बाँटे। कामाक्षीपाल्या एवं यशवंतपुर बार्ड एरिया में प्रतिदिन सुबह शाम करीब दो हजार लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किए। आप पर्यावरण प्रेमी भी हैं। लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता लाने बेंगलुरु सिटी में करीब 9000 से अधिक पौयारोपण आप करा चुके हैं। ज्ञानशालाओं में आप निरंतर सहयोग करते हैं। साथर्मिक बंधुओं को सहयोग प्रदान कर उन्हें प्रगति पथ पर अग्रसर कर रहे हैं।
आपका परिवार गौ रक्षा का प्रबल पक्षधर है। शांतिलालजी पीतलिया बचपन से ही अपने माता पिता से कठोर परिश्रम, लगन, दृढ संकल्पता, सरलता, विनम्रता, निरभिमानता, मानव सेवा एवं धार्मिक सुसंस्कारों को प्राप्त कर प्रतिभाशाली रहे हैं। आप अपने लक्ष्य पर निरंतर जुटे रहते हैं और किसी भी कठिनाई से विचलित नहीं होते हैं।
आपके चेहरे पर सदा प्रसत्रता राज करती है। आवभगत एवं अतिथि सत्कार में निपुण शांतिलालजी पीतलिया अनेक सामाजिक एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोगी है।
आचार्य श्री महाश्रमणजी के परम भक्त, गुप्तदान में अग्रणी शांतिलालजी पीतलिया बिना किसी साम्प्रदायिक भंद भाव के साधर्मिक बंधुओं के उत्थान हेतु सहयांग में आगे रहते हैं।
शांतिलालजी पीतलिया हँसमुख एवं सरल स्वभाव के धनी हैं। मिलनसारिता व मधुर भाषिता विनम्रता आपका स्वभाव है। सबके साथ प्रेम पूर्ण व्यवहार आपकी विशेषता है। आपका अत्यंत प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ मैत्री संबंध हैं। आपने अपनी व्यवहार कुशलता एवं निष्ठा से गार्मेंट्स क्षेत्र में विशेष प्रतिष्ठा अर्जित की है। आपका मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को आधुनिकता के साथ ही अपने जैन धर्म के सर्वोपरि संस्कारों को भी जीवन में सबसे आगे रखना चाहिए। धन में वृद्धि के साथ धर्म में भी अभिवृद्धि का प्रयास करते रहें।
मानव सेवा के साथ ही संघ सेवा में भी अग्रणी हैं शांतिलालजी पीतलिया
शांतिलालजी पीतलिया तेरापंथ सभा भवन गाँधीनगर, बैंगलूरु के ट्रस्टी हैं। आचार्य श्री तुलसी महाप्रज्ञ चेतना केन्द्र, कुम्बलगोडु बैंगलूरु के ट्रस्टी हैं। आपने आचार्य श्री तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर श्रीरामपुरम में मशीनें भेंट की। राजस्थान में सहाड़ा क्षेत्र में पानी की पौ, बस स्टेंड पर यात्रियों के बैठने के लिए बेंच्स, अनेक गाँवों में पानी की प्याऊ, पानी की टंकियाँ स्थापित की है।
श्री जैन मानव सेवा ट्रस्ट द्वारा सेवा के आयाम
सन् 2018 से संचालित श्री जैन मानव सेवा ट्रस्ट द्वारा आप जरुरतमंदों को शिक्षा, चिकित्सा में उदार हृदय से सहयोग कर उनके जीवन को संवार रहे हैं। आपके द्वारा सहयोग प्राप्त विद्यार्थी ने इस वर्ष विद्यावर्धका पॉलिटेक्निक कॉलेज मैसूर में डिप्लोमा 99% अंकों से उत्तीर्ण किया है। गौशाला, कबूतरों को चुग्गा, वृद्धाश्रम, अनाथ आश्रम, में सहयोग कर रहे हैं। गरीब की रेखा के नीचे जी रहे फुटपाथ पर आश्रित रहने वाले लोगों को सर्दी में कम्बल एवं प्रतिदिन सुबह शाम दोनों समय भोजन वितरण कर जन जन में जैन समाज का गौरव बढ़ा रहे हैं।
जैन समय ‘अनमोल रत्न’ शांतिलालजी पीतलिया
जैन समय के ‘अनमोल रत्न’ शांतिलालजी पीतलिया की रग – रग में जैन धर्म की प्रभावना की प्रबलतम भावना है। जैन समय के विश्व व्यापी धर्मप्रचार अभियान को गति देने हेतु आपने जैन समय के स्तंभ सहयोगी बनकर हमारे उत्साह को अनेक गुणा बढ़ाया है। हम पीतलिया परिवार के लिये सर्वसुखमय जीवन की यशस्वी मंगलकामनायें करते हुए शत शत आभार प्रदर्शित करते हैं।
Jain Samay Anmol Ratna Shantilalji Pitaliya Parichay

