दानवीर भामाशाह एवं पराक्रमी महाराणा प्रताप की वीर भूमि राजस्थान के अजमेर जिला में जालिया द्वितीय के निवासी धर्मनिष्ठ एवं मिलनसारिता में अपनी विशेष पहचान रखने वाले श्रेष्ठीवर्य स्व. रतनलालजी -स्व. सोसरबाई कोठारी के पुत्ररत्न श्री अनिलजी कोठारी को युवा जगत की शान कहा जा सकता है। श्री अनिलजी कोठारी का उदारमना जीवन यश कीर्ती से परिपूर्ण है। आचार्य श्री सोहनलालजी म.सा. के श्रद्धानिष्ठ युवारत्न अनिलजी कोठारी प्राज्ञ संघ के वर्तमान आचार्य श्री सुदर्शनलालजी म.सा. के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित युवा श्रावक हैं। बचपन से ही आपके माता-पिता ने धर्म के संस्कार कूट-कूट कर भरे हैं। आपका विवाह तलौद निवासी सुप्रसिद्ध व्यवसायी स्व. मदनलालजी रांका मनोहरदेवी रांका की गुणवान सुपुत्री मीनादेवी से हुआ। आपके सालाजी महेन्द्रजी, प्रकाशजी एवं अनिलजी रांका अहमदाबाद के प्रतिष्ठित व्यवसायी हैं। आपकी धर्मपत्नी मीनादेवी मिलनसारिता एवं व्यवहार कुशलता की मिसाल हैं। आपके चेहरे पर सदैव प्रसन्नता का वास रहता है। कोई भी उनके मधुर व्यवहार से पहली मुलाकात में ही प्रभावित हो जाता है।
श्री अनिलजी कोठारी ने राजस्थान में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बेंगलूरू महानगर में आकर अपने बड़े भाईयों हस्तीमलजी कोठारी एवं जुगराजजी कोठारी के साथ बेंगलूरू के इलेक्ट्रीकल व्यवसाय के हृदय स्थल ए.एम. लेन, चिकपेट में चंदन ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन के नाम से होलसेल इलेक्ट्रीकल का व्यवसाय प्रारंभ किया। अनिलजी कोठारी का भाषा विवेक, मधुर वाणी एवं सबको साथ लेकर चलने की कला एवं तीनों भाईयों की एक दूसरे के साथ बहुत अच्छे तालमेल से चंदन ट्रेडिंग कॉरपोरेशन ने पूरे इलेक्ट्रीकल बाजार में शीघ्र ही अपनी विशिष्ट पहचान बना ली और आज उसकी गिनती बेंगलूरू में एच. टी. एवं एल. टी. केबल्स के अग्रणी व्यवसाईयों में है।
अनिलजी की मिलनसारिता का प्रभाव राजनेताओं एवं सरकारी अधिकारियोंपर भी है। आपके मसूदा, राजस्थान के पूर्व विधायक भंवरसिंहजी पलाड़ा एवं वर्तमान विधायक सुशीलकंवरजी पलाड़ा परिवार से आत्मीयता पूर्ण संबंध है। अनिलजी कोठारी के संपर्क में जो भी आता है वह हमेशा के लिए उनका हो जाता है। आपके गुणों की छाप साधु साध्वी एवं आचार्य भगवंतों के हृदय पर भी है। इसीलिए आप को श्री प्राज्ञ जैन संघ के अखिल भारतीय युवा अध्यक्ष पद का भी गौरवशाली दायित्व निभाने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ हैं। वर्तमान में आप श्री प्राज्ञ जैन संघ, कर्नाटक के उपाध्यक्ष हैं। JITO के F.C.P. सदस्य हैं। आप श्री वर्द्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, चामराजपेट के ट्रस्टी भी हैं।
आपकी संस्कारवान सुपुत्री शीतल का शुभ विवाह मोहराकलाँ निवासी पारसमलजी बाफना के सुपौत्र एवं बेंगलूरू के सुप्रसिद्ध प्रेसिडेंट ग्रुप के डायरेक्टर जयचंदजी बाफना के सुपुत्र प्रमितजी बाफना के साथ हुआ है। आपकी दौहित्रियाँ हिमांशी एवं मिश्का
है। ‘जैन समय’ के विश्वव्यापी स्तर पर जैनत्व के प्रचार प्रसार एवं समग्र जैन समाज को एक दूसरे के साथ जोड़ने के लक्ष्य से आप बहुत प्रभावित हुये।
जैन समय के स्तम्भ सहयोगी बनकर आपने हमारे उत्साह को अनेक गुणा बढ़ाया हैं। आपके उदार सहयोग से जैन समय द्वारा सकल जैन समाज को नयी Connectivity, Worldwide Unity एवं Information के महाअभियान को बड़ी शक्ति मिलेगी। हम आपके पूरे परिवार के लिये आरोग्यमय, धर्ममय, सर्व सुखमय जीवन की यशस्वी मंगलकामनायें करते हुये शत शत आभार प्रदर्शित करते हैं।

