मानव सेवा में अग्रणी, जीवदया प्रेमी, अनमोल रत्न श्री शांतिलालजी पीतलिया
जो अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पवान होते हैं, उन्हें कोई भी कठिनाई विचलित नहीं कर सकती है। निरंतर पुरुषार्थ…
Jain Samay Anmol Ratna | जैन समय अनमोल रत्न
जो अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पवान होते हैं, उन्हें कोई भी कठिनाई विचलित नहीं कर सकती है। निरंतर पुरुषार्थ…
जो अपनी योग्यता पर विश्वास रखते हैं वही मंजिल तक पहुंचने में सफल होते हैं। मधुर व्यवहार एवं निरंतर परिश्रम…
सरल हृदय में ही धर्म का निवास होता है। विनय और विवेक धर्म का सच्चा मूल है। जिसके जीवन में…
नोजवानों इस समाज के आधार तुम हो, नयनांजन तुम हो, हृदय हार तुम हो । अपनी शक्ति को पहचानों और…
राजस्थान की सुहावनी नगरी पिपलियाकलाँ के मूल निवासी स्व. गुलाबचंदजी नाहटा के सुपौत्र एवं स्व. सुंदरबाई स्व. दीपचंदजी नाहटा के…
उठो, जागो और तब तक लगे रहो, जब तक सफलता के शिखर पर नहीं पहुँच जाते हैं। निरंतर परिश्रम एवं…
विनम्रता, सरलता और सहनशीलता जीवन के सबसे बड़े आभूषण हैं। उच्च संस्कारों और उच्च विचारों से जीवन की असली शोभा…
नई सोच एवं गुणवत्ता प्रबंधन से सफलता के शिखर पर पहुँचने वाले अनमोल रत्न सरलता, विनम्रता एवं समृद्ध हृदय के…
विनय और विवेक से संपन्न व्यवहार व्यक्ति की सबसे बड़ी सम्पत्ति होती है। जिसके जीवन में विनय, विवेक और धर्म…