राजस्थान के आहोर नगर के सुप्रसिद्ध श्रेष्ठिवर्य चुन्नीलालजी शेषमलजी नागोरी के सुपुत्र सुपुत्रवधु सुमेरमलजी-हजादेवी नागोरी की सरलता सहजता एवं मिलनसार स्वभाव की लोग मिसाल देते थे। कहते हैं कि कि संस्कार तो रक्त के कण कण में होते हैं। इस बात को सिद्ध करते हैं बेंगलूरु महानगर में जैन समाज में लोकप्रिय युवा रत्न अशोकजी नागोरी। उनमें विनम्रता, निरभिमानिता, उदारता एवं परोपकार के संस्कार जन्म से ही प्राप्त हुए है। अशोकजी नागोरी का जीवन समाज के समग्र युवाओं के लिए एक प्रेरणा का संचार करता है। कम उम्र में ही समाज में एक बड़े उच्च स्तर पर अपना गौरवशाली
स्थान बनाने वाले अशोकजी नागोरी पर आहोर निवासियों के साथ ही पूरे युवा वर्ग को नाज है। अशोकजी नागोरी का जन्म आहोर में हुआ। आपके दादाजी चुन्नीलालजी शेषमलजी नागोरी आज से करीब 112 वर्ष पूर्व बेगलूरु में आए और 1921 में चिकपेट में अपना प्रतिष्ठान ‘मिश्रीमल भबूतमल एंड ब्रदर्स’ नाम से चिकपेट मैन रोड में मेटल व्यवसाय प्रारंभ किया जिसका अभी शताब्दी वर्ष गतिमान है। चुन्नीलालजी के चार पुत्र मिश्रीमलजी, भबूतमलजी, धनराजजी एवं सुमेरमलजी नागोरी थे।
नागोरी परिवार में पीढ़ियों से जिनशासन के प्रति सेवा समर्पण के भाव चले आ रहे हैं। कर्नाटक में आकर भी उन्होंने इन संस्कारों को और अधिक बढ़ाया। चिकपेट मंदिर की स्थापना के समय से ही धर्मनिष्ठ नागोरी परिवार पूरे उत्साह के साथ संघ से जुड़ गया। भबूतमलजी के पुत्र तेजराजजी नागोरी श्री आदिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर, चिकपेट ट्रस्ट के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
सुमेरमलजी नागोरी बहुत ही भद्रिक स्वभाव के व्यक्ति थे। देव गुरु धर्म के प्रति दृढ़ श्रद्धा उनके रोम रोम में समाई हुई थी। आपने अपने पाँच पुत्रो शान्तिलालजी, मूलचंदजी, बाबुलालजी, मोहनलालजी एवं अशोकजी नागोरी तथा तीन पुत्रियाँ पुष्पादेवी वी.एम. शाह हैदराबाद, त्रिशलादेवी तेजराजजी कोठारी बेंगलूरु एवं वीणादेवी अनिलजी बदामुथा विजयवाड़ा को बचपन से ही जैन धर्म के सुसस्कारों से ऐसा सुसज्जित किया कि उन्होंने आज बेंगलूरु महानगर में नागोरी परिवार को विशिष्ट गौरवशाली स्तर पर प्रतिस्थापित कर दिया है। आपके सबसे छोटे सुपुत्र अशोकजी नागोरी जिन्होंने अपने व्यवहार एवं गुणों से आज जैन समाज में जो ख्याति अर्जित की है जिनकी प्रशंसा उनके सभी बड़े भाई बहनों के साथ ही हर सगा संबंधी, मित्रगण एवं समाजजन कर रहे हैं।
अशोकजी नागोरी जब बाल्यावस्था में थे तभी उनके पिताश्री सुमेरमलजी का स्वर्गवास हो गया। उनके बड़े पिताजी मिश्रीमलजी ने 1971 से एन. आर. रोड में ‘Agricultural and Industrial Supplies’ नाम से फर्म प्रारंभ की जिसमें आदित्य बिड़ला ग्रुप की Hindalco Industries Limited की एल्युमिनियम शीट्स एवं Jidal Aluminium Limited के सेक्शन एवं एक्सटूशंस के Authorised Exclusive Distributors है। अशोकजी नागोरी की बचपन से ही व्यवसाय में अधिक रूचि थी। सिर्फ 17 वर्ष की उम्र में ही आप व्यवसाय से जुड़ गए। आपके दिल में व्यवसाय को बहुत ही ऊँचाईयों पर ले जाने का जोश था और आपके जुड़ने से और ग्राहकों के साथ आपके मधुर व्यवहार एवं उत्कृष्ट कार्य प्रणाली से व्यवसाय दिन दुगुनी प्रगति के पथ पर बढ़ता चला गया। वर्तमान में Agricultural and Industrial Supplies की पाडीचेरी एवं सिकंद्राबाद में भी शाखाएँ संचालित है जो सुंदर रूप से कार्य कर रही है। आपका विवाह बेंगलूरु महानगर में वस्त्र व्यवसाय की सुप्रसिद्ध फर्म ‘समरथमल माधमल’ के मालिक रेवतड़ा राजस्थान के मूल निवासी भूरमलजी सोफाड़िया की गुणवान सुपुत्री ललितादेवी के साथ संपन्न हुआ।
जीतो (JITO) बेंगलूरु चेप्टर की स्थापना सन् 2008 से ही आप Founder Chief Patron (FCP) हैं।
जीतो एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेनिंग फाउंडेशन (JATF) जो जैन विद्यार्थियों को सरकारी प्रशासनिक सेवा पदो IAS, IPS, IRS, IFS आदि हेतु अध्ययन एवं प्रशिक्षण मे
मदद करता है, उसके सन् 2018 से ट्रस्टी है।
जीतो बेंगलूरु कार्यालय के निर्माण सहयोगी हैं।
जीतो छात्र हॉस्टल बन्नरघट्टा रोड के भी निर्माण सहयोगी है।
जीतो छात्रवृत्ति योजना के चार वर्षों तक संयोजक रहे हैं।
जीतो एपेक्स (JITOAPEX) के वर्ष 2018-2020 में डायरेक्टर रहे हैं।
जीते के जैन बंधु प्रोजेक्ट में भी अग्रणी सहयोगी हैं।
जीतो (JITO) बेगलूरु चेप्टर में दो बार कार्यकारिणी सदस्य रहे है।
जीतो के विभिन्न प्रोजेक्ट्स एवं अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित JBN360 में भी सहयोगी रहे है।
शंखेश्वर बेंगलूरु भवन ट्रस्ट के आप ट्रस्टी है जिसकी शंखेश्वर तीर्थ में 51 कमरों की विशाल धर्मशाला का निर्माण हो रहा है।
श्री जैन लैब्स, चामराजपेट बेंगलूरु के ट्रस्टी है।
जैन मिशन ट्रस्ट के ट्रस्टी है जिसका चिकबल्लापुर में चेरिटी हॉस्पिटल निर्माण होने वाला है।
जीवदया एवं मानवता को सर्वोपरि माननेवाले एवं इस हेतु सहयोग में सदैव तत्पर अशोकजी नागोरी ने लॉकडाउन में बढ़चढ़कर सेवा कार्यों में सहयोग किया। उस अवधि में जीतो द्वारा पेलेस ग्राउण्ड्स से संचालित अन्न भाग्या कार्यक्रम में भी आपने विपुल सहयोग किया।
अशोकजी नागोरी का मानना है कि हमें देव गुरु थर्म की कृपा से सब कुछ अच्छा मिला है तो हमारा कर्तव्य है कि हम जिन शासन की उन्नति के लिए अपनी शक्ति का अधिक से अधिक सदुपयोग करें।
अशोकजी नागोरी अपनी मेहनत, कार्य कुशलता एवं मधुर व्यवहार से व्यवसाय जगत में निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर हैं लेकिन उन्हें इसका बिलकुल अभिमान नहीं है। वे किसी से शत्रुता एवं द्वेष भाव नहीं रखते हैं। इनके बेंगलूरु के साथ ही चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, विजयवाड़ा, जयपुर, दिल्ली एवं अपनी जन्म भूमि आहोर में भी भारी संख्या में मित्र हैं।
आप Poundwize Forex Pvt. Ltd. जिसका Foreign Exchange का बेंगलूरु, मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, वड़ोदरा, चेन्नई आदि 16 स्थानों पर बड़ा कारोबार है उसके डायरेक्टर हैं। तुमकुर रोड स्थित Green Shift Biofuels Pvt. Ltd. के भी आप डायरेक्टर हैं।
अरिहंत ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के आप संस्थापक चेयरमेन हैं जिसके बेंगलूरु में 2019 से वी.वी. पुरम, कनकपुरा रोड एवं यलहंका में कॉलेज कैंपस संचालित है। कोई भी जरूरतमंद विद्यार्थी शिक्षा से वंचित नहीं रहे इस हेतु आपके शिक्षण संस्थान द्वारा इस वर्ष करीब एक करोड़ रूपए की छात्रवृत्ति जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहायता की गई। जेजीआई चेयरमेन चेनराजजी जैन आपके आदर्श हैं।
अशोकजी नागोरी का मानना है कि दुनिया में हर समस्या का समाधान है, बस आवश्यकता है एक दूसरे को समझने की, शान्त मस्तिष्क से चिंतन कर आपसी सामंजस्य से कार्य करने की। जीवन के हर पल को तनाव रहित होकर जीना चाहिए।’ मानो तो मौज है, वरना समस्या तो रोज है।’
यदि जैन समाज के समस्त युवा आपकी तरह ऊँची सोच, मधुर व्यवहार एवं सबको साथ लेकर चलने की प्रवृत्ति को अपनाएं तो सारे विश्व में जैन समाज जगमगाएगा और सकल विश्व में एक नई प्रेरणा का संचार करेगा।
आपके बड़े भ्राता अत्यंत ही शान्त स्वभाव एवं सरल प्रकृति के धनी शान्तिलालजी नागोरी जो कि श्री संभवनाथ जैन मंदिर वी.वी.पुरम के अध्यक्ष पद को सुशाभित कर रहे हैं, उन्हें आप अपना बहुत बड़ा प्रेरणा स्रोत मानते हैं। उनका कहना है कि सबको ऐसा भाई मिले जिन्होंने अपने सभी भाईयों और बहनों को पिता के समान स्नेह प्रदान किया और पूरे परिवार को एक सूत्र में पिरोकर रखा है। शान्तिलालजी नागोरी आहोर जैन प्रवासी संघ बेंगलूरु के अध्यक्ष, राजेन्द्र भवन पालीताणा के ट्रस्टी, भगवान महावीर जैन हॉस्पिटल, भगवान महावीर जैन कॉलेज, बीबीयूएल जैन विद्यालय, श्री आदिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर चिकपेट के भी ट्रस्टी हैं।
आपके सुपुत्र सुपुत्रवधु अंकित-यशि नागोरी एवं अक्षय नागोरी तथा पौत्री आनिया एवं आन्वी हैं।
मिलनसारिता के सुंदर प्रतीक धर्मनिष्ठ, उदारमना नागोरी परिवार द्वारा पालीताणा में वर्ष 2004 में मातृश्री हंजादेवी सुमेरमलजी नागोरी की प्रेरणा से आचार्यश्री जयानंदसूरिश्वरजी की निश्रा में गिरीराज पर 1100 आराधकों के साथ चातुर्मास कराने का लाभ लिया और वहीं पर 500 आराधकों के उपधान तपाराथना कराने का भी महान लाभ लिया जो अभिनंदनीय है।
हमेशा प्रसन्न मुद्रा में रहने वाले युवा जगत की शान, उदार हृदय के धनी जैन समय के ‘अनमोल रत्न’ अशोकजी नागोरी की रग-रग में जैन धर्म की प्रभावना की प्रबलतम भावना है। आपका मानना है कि जैन धर्म का पूरे विश्व में विशाल स्तर पर प्रचार प्रसार होना चाहिये। ‘जैन समय’ के विश्वव्यापी स्तर पर जैनत्व के प्रचार प्रसार एवं समग्र जैन समाज को एक दूसरे के साथ जोड़ने के लक्ष्य से आप बहुत प्रभावित हुये और हमारे स्तंभसहयोगी बने हैं।
‘जैन समय’ के स्तम्भ सहयोगी बनकर आपने हमारे उत्साह को अनेक गुणा बढ़ाया है। आपके उदार सहयोग से जैन समय द्वारा सकल जैन समाज को नई Connectivity, Worldwide Unity एवं Information के महाअभियान को बड़ी शक्ति मिलेगी। हम शत शत आभार प्रदर्शित करते हुए आपको निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित करने एवं पूरे परिवार के लिये आरोग्यमय, धर्ममय, सर्व सुखमय जीवन की यशस्वी मंगलकामनाएँ करते हैं।

